देश के कुछ राज्यों में चल रहे चुनाव के बाद एक बार फिर महंगाई की खुराक मिल गई है। कमर्शियल सिलेंडर के एक बार फिर दाम बढ़ा दिए हैं।
पश्चिम बंगाल और असम समेत कुछ राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनाव में मतदान समाप्त होते ही आम लोगों को महंगाई की तगड़ी खुराक मिल गई है। सरकारी तेल कंपनियों ने आज 1 मई से आम लोगों और खासकर कारोबारियों के लिए महंगाई का बड़ा झटका दिया है. कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम में भारी बढ़ोतरी कर दी है. दिल्ली में अब एक सिलेंडर की कीमत 3,071.50 रुपए हो गई है, जो पहले 2,078.50 रुपए थी. यानी एक ही झटके में सिलेंडर 993 रुपए महंगा हो गया है। यह बढ़ोतरी होटल, रेस्तरां, ढाबा और छोटे-बड़े खाने-पीने के कारोबार करने वालों को सीधे प्रभावित करेगी। कई जगहों पर खाना पकाने का खर्च बढ़ने से प्लेट का दाम भी ऊपर जा सकता है. हालांकि अच्छी बात यह है कि आम घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर के दाम नहीं बढ़ाए गए हैं. सरकार ने आम उपभोक्ताओं को इस बार महंगाई से बचाने की कोशिश की है। इसलिए की गई बढ़ोत्तरी
भारत अपनी जरूरत का करीब 60 प्रतिशत LPG विदेश से आयात करता है. ईरान युद्ध से पहले पश्चिम एशिया (सऊदी अरब, UAE आदि) से भारत को बहुत सारा कच्चा तेल, गैस और खासकर LPG मिलता था. 28 फरवरी को हुए हमलों और उसके बाद ईरान के जवाबी कार्रवाई के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Hormuz Strait) बंद हो गया है। यह रास्ता खाड़ी देशों से आने वाले तेल और गैस का मुख्य द्वार है। इस ब्लॉकेड की वजह से LPG की सप्लाई प्रभावित हुई है. कई औद्योगिक इकाइयों को गैस कम मिल रही है. होटल-रेस्तरां जैसे कमर्शियल यूजर्स को भी LPG की उपलब्धता कम हो गई है. स्थिति इतनी गंभीर है कि सरकार ने नए LPG कनेक्शन देना भी रोक दिया है। पिछले कुछ महीनों में यह तीसरी बढ़ोतरी है। मार्च और अप्रैल में भी कमर्शियल सिलेंडर महंगे हो चुके थे. तेल कंपनियां (IOCL, BPCL, HPCL) अंतरराष्ट्रीय कीमतों और सप्लाई की कमी के आधार पर हर महीने दाम तय करती हैं. इससे पहले 1 अप्रैल से कमर्शियल सिलेंडरों के दाम 195.50 रुपए बढ़ाए गए थे। कारोबारियों पर पड़ रहा असर
रेस्तरां मालिकों का कहना है कि सिलेंडर महंगा होने से उनका खर्च काफी बढ़ जाएगा. कुछ जगहों पर पहले से ही LPG की कमी चल रही थी, अब दाम बढ़ने से समस्या और गंभीर हो गई है. छोटे ढाबे और कैटरिंग वाले इससे सबसे ज्यादा परेशान हैं. सरकार क्या कर रही है?
सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देते हुए उनके सिलेंडर के दाम स्थिर रखे हैं। साथ ही अन्य देशों (जैसे रूस) से कच्चा तेल खरीदकर कुछ हद तक नुकसान की भरपाई करने की कोशिश कर रही है. लेकिन गैस और LPG की सप्लाई अभी भी चुनौती बनी हुई है।