हरियाणा-तांत्रिक सिध्दि बढ़ाने के लिए बहन,जीजा ने कर दिया मासूम का कत्ल,पुलिस ने किया गिरफ्तार

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तांत्रिक सिध्दि पाने के लिए बहन तथा जीजा ने घर के इकलौते चिराग को बुझा दिया और मासूम बच्चे की बलि दे दी। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।
हरियाणा के यमुनानगर में तांत्रिक सिद्धि पाने के लिए गांव कामी माजरा के पांच साल के प्रिंस की बलि उसकी चचेरी बहन और जीजा ने दे दी। मासूम का शव 31 जुलाई 2025 को4 गांव पांसरा में एक खेत से मिला था। घटना के पांच माह बाद दोनों आरोपियों को सीआईए वन ने हमीदा हेड से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की पहचान जोगिंद्र नगर निवासी शिव कुमार उर्फ सोनी और उसकी पत्नी भारती के रूप में हुई है। वारदात के बाद से दोनों फरार थे। दोनों ने पुलिस के सामने पूछताछ में तांत्रिक सिद्धि के लिए बलि की बात स्वीकार की है। उन्होंने बताया कि किसी इकलौते बेटे की बलि देनी थी, इसी कारण उन्होंने जन्मदिन पर प्रिंस को अगवा किया और श्मशान घाट पर ले जाकर उसकी हत्या कर दी। दोनों को 3 दिन के रिमांड पर लिया गया है। प्रिंस के पिता रविंद्र ने बताया कि 30 जुलाई 2025 को उनका बेटा घर से लापता हुआ था। अगले दिन उसका शव घर से दो किलोमीटर दूर गांव पांसरा में ट्यूबवेल के पास नाले में मिला। उसके सिर पर चोट के निशान थे जिस आधार पर उन्होंने हत्या की आशंका जताई। पुलिस इस मामले की तफ्तीश कर रही थी। उसे रिश्तेदारों पर ही शक था। इस बीच उसकी चचेरी बहन व खुद को तांत्रिक बताने वाला जीजा गायब हो गए। जांच में इस बात की पुष्टि हुई कि जीजा ने अपनी तांत्रिक शक्तियों को बढ़ाने के लिए प्रिंस की बलि ले ली। इस काम में उसकी पत्नी ने भी उसका साथ दिया।
लाडले की हत्या करने वालों को हो फांसी
यमुनानगर के गांव कामी माजरा के पांच साल के मासूम प्रिंस की हत्या का सच सामने आने के बाद परिवार का दर्द और गहरा हो गया है। बेटे की हत्या के आरोप में चचेरी बहन भारती और उसके पति शिव कुमार की गिरफ्तारी के बाद मां गीता का रो-रोकर बुरा हाल है। आंखों में आंसू और आवाज में दर्द लिए मां गीता बस यही कह पा रही है कि मेरे लाडले की हत्या करने वालों को फांसी हो। जिन्होंने हमारे घर का चिराग छीना, उनका बेड़ा गर्क हो जाए। गीता ने कहा कि प्रिंस के जाने के बाद उनके घर की सारी खुशियां जैसे खत्म हो गई हैं। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और उसकी पांच बहनें हैं। बड़ी मन्नतों के बाद उन्हें बेटा मिला था। उसी साल उसका स्कूल में दाखिला भी कराया गया था। परिवार को क्या पता था कि जिन लोगों को वे अपने ही समझते थे, वही उनके बेटे की मौत की साजिश रच रहे हैं। मां गीता ने बताया कि आरोपी शिव और भारती का उनके घर आना-जाना लगा रहता था। वे अक्सर प्रिंस से प्यार भरी बातें करते थे, उसे दुलारते थे। गीता ने भर्राई आवाज में कहा किहमें कभी शक तक नहीं हुआ। वे प्रिंस को बड़े प्यार से देखते थे, बातें करते थे। कौन जानता था कि उनके मन में इतनी बड़ी साजिश पल रही है। परिजन अब सिर्फ इंसाफ की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस जघन्य अपराध में शामिल सभी दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए।
UP TIMES NEWS
Author: UP TIMES NEWS

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