सोते समय पुजारी की डंडे से पीट कर हत्या कर दी गई। सूचना के मिलते ही एसपी,सहायक एसपी तत्काल मौके पर पहुंचे। मौके पर फॉरेंसिक तथा डॉग स्क्वायड टीम को बुलवाया गया। जहां टीम द्वारा साक्ष्य संकलित किए गए।
जानकारी के अनुसार कोतवाली नगर क्षेत्र के तिंदवारा गांव निवासी सचिदानंद नामदेव 68 पुत्र राधेलाल घर के बगल में स्थित शनि देव के मंदिर में पुजारी था। साथ ही वह मन्दिर में रहता था। शनिवार की रात वह मंदिर की छत पर अपनी शिष्या रोशनी के साथ छत पर लेटा था। रात के समय मे कुछ लोग छत पर आ गए और सचिदानंद के सिर पर ताबड़तोड़ डंंडो से वारकर घायल कर दिया। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। शोर शराबा सुनकर रोशनी की नीद खुल गई। तब शिष्या रोशनी ने शोर मचाया। शोर सुनकर नजदीक स्थित बाडे में सो रहा भाई चिंतामणि सहित आस पास के लोग भी पहुंच गए। उपचार के लिए उसे रानी दुर्गावती मेडिकल कालेज मे भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरो ने हालत नाजुक बता कर कानपुर के लिए रेफर कर दिया। परिजन कानपुर न ले जाकर उसे महाराणा प्रताप चौक स्थित एक अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरो ने देखने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर शहर कोतवाल बलराम सिंह,मेडिकल कॉलेज चौकी प्रभारी बीरेंद्र त्रिपाठी के अलावा एसपी पलाश बंसल,सहायक एसपी मेविस टॉक मौके पर पहुंची। जहां अधिकारियों ने घटना का जायजा लिया। मौके पर डॉग स्क्वायड तथा फॉरेंसिक टीम भी पहुंची। जहां टीम ने नमूने एकत्रित किए। मृतक के भाई चिंतामणि ने बताया कि सचिदानंद 45वर्ष तक नासिक के पंचवटी में महंत था। वह दस वर्ष से गांव में ही रह रहा था। एसपी पलाश बंसल ने कहा कि मामले की छानबीन की जा रही है। घटना के खुलासे को लेकर कई टीमें लगाई गई है। जल्द ही घटना का अनावरण किया जाएगा।कोतवाली प्रभारी बलराम सिंह का कहना है कि चिंतामणि की तहरीर पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मौके से डंडा बरामद हुआ है। पुलिस ने पंचनामे के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है।