बाँदा-खनन अधिकारी से मारपीट के मामले में पूर्व विधायक समेत पांच बरी

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आठ वर्ष पुराने तत्कालीन जिला खान अधिकारी के साथ मारपीट, बंधक बनाने, रंगदारी मांगने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के बहुचर्चित मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने पूर्व तिंदवारी विधायक बृजेश कुमार प्रजापति समेत पांच आरोपियों को बरी कर दिया। विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) प्रफुल्ल कुमार चौधरी ने उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और अभिलेखों का परीक्षण करने के बाद माना कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे सिद्ध नहीं कर सका। इसके आधार पर अदालत ने पूर्व विधायक बृजेश कुमार प्रजापति, मनोज प्रजापति उर्फ नीतू, देवेन्द्र कुमार प्रजापति उर्फ पप्पू, कुलदीप पटेल उर्फ सीएम और लवलेश प्रजापति को दोषमुक्त कर दिया। मामले के एक अन्य आरोपी हरिकरण सिंह की सुनवाई के दौरान ही मृत्यु हो चुकी थी। अभियोजन के अनुसार तत्कालीन जिला खान अधिकारी शैलेंद्र सिंह ने 9 अक्तूबर 2018 को कोतवाली नगर में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में आरोप लगाया था कि तत्कालीन विधायक बृजेश कुमार प्रजापति ने उन्हें सर्किट हाउस बुलाकर विधानसभा क्षेत्र में संचालित खनन पट्टों से प्रति माह 25 लाख रुपये का हिस्सा तय करने का दबाव बनाया। विरोध करने पर बृजेश कुमार प्रजापति, नीरज पटेल और अन्य साथियों ने उन्हें तथा उनके कर्मचारी अरविंद कुमार पांडेय को कमरे में बंधक बनाकर मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। विवेचना के बाद पुलिस ने 11 अप्रैल 2022 को बृजेश कुमार प्रजापति, मनोज प्रजापति उर्फ नीतू, देवेन्द्र कुमार प्रजापति उर्फ पप्पू, कुलदीप पटेल उर्फ सीएम, लवलेश प्रजापति और हरिकरण सिंह के विरुद्ध आरोपपत्र दाखिल किया था। लंबी सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से छह गवाह पेश किए गए, लेकिन अदालत ने पाया कि उपलब्ध साक्ष्य आरोप सिद्ध करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। इसी आधार पर न्यायालय ने पांचों आरोपियों को बरी कर दिया।
UP TIMES NEWS
Author: UP TIMES NEWS

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