जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कराने को लेकर अब दफ्तरों ज्यादा चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। कमिश्नर ने जन्म,मृत्यु प्रमाण पत्र से सम्बंधित मामलों को 5 दिन के भीतर निस्तारण किये जाने के निर्देश दिए हैं।
आयुक्त, चित्रकूटधाम मण्डल, बाँदा अजीत कुमार को जन्म,मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए जाने को लेकर लगातार परेशान किये जाने की शिकायतें मिल रही थी। उन्हें शिकायत मिली कि नगर पालिका परिषद,बाँदा में जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र समय से जारी नहीं किए जा रहे हैं। जिससे लोगो को गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। उक्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आयुक्त अजीत कुमार ने नगर पालिका परिषद, बाँदा के संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारियों को मय पत्रावली के साथ अपने कार्यालय कक्ष में बुलाकर पत्रावलियों का निरीक्षण किया गया।परीक्षण के दौरान लगभग 150 आवेदन जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र से संबंधित लंबित पाए गए। जिस पर आयुक्त ने गहरी नाराजगी व्यक्त जताई। उन्होंने कहा कि जन्म प्रमाण पत्र समय से उपलब्ध न होने के कारण बच्चों के विद्यालयों में प्रवेश में अनावश्यक विलंब हो रहा है, जो अत्यंत चिंताजनक स्थिति है और इसे किसी भी दशा में स्वीकार नहीं किया जा सकता। शिकायतकर्ताओं द्वारा यह भी अवगत कराया गया कि कई मामलों में बिना ठोस कारण के जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र निरस्त किए जा रहे हैं। इस पर आयुक्त ने निर्देशित किया कि किसी भी प्रमाण पत्र को निरस्त किए जाने की स्थिति में स्पष्ट एवं युक्तिसंगत कारण का अभिलेखीकरण अनिवार्य रूप से किया जाए। साथ ही यह भी पाया गया कि संबंधित अधिकारी द्वारा नगर पालिका परिषद से प्रेषित सूची को समय से प्राप्त नहीं किया जा रहा है। जिससे प्रमाण पत्रों का निस्तारण प्रभावित हो रहा है। आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि सभी लंबित जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्रों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर करते हुए अधिकतम पांच दिवस के भीतर पूर्ण किया जाए तथा इसकी आख्या आयुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि नगर पालिका परिषद द्वारा प्रेषित सभी सूचियों को समय से प्राप्त कर उनकी प्राप्ति रसीद उपलब्ध कराई जाए। जिससे कार्यवाही में पारदर्शिता बनी रहे।आयुक्त ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित अवधि के भीतर लंबित प्रकरणों का निस्तारण नहीं किया गया तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की संस्तुति की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े ऐसे महत्वपूर्ण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नागरिकों को समयबद्ध एवं पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इस दिशा में सभी संबंधित अधिकारी पूर्ण उत्तरदायित्व एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करें।