दलित युवती के साथ दुराचार करने के मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए अहम फैसला सुनाया है। दस साल की सजा सुनाने के साथ आरोपी पर 10 हजार का जुर्माना भी लगाया है।
पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देशन में चलाये जा रहे अभियान“ऑपरेशन कन्विक्शन” के क्रम में मिशन शक्ति अभियान के तहत महिला सम्बन्धी अपराधों के मामले में अभियुक्तों को कड़ी सजा दिलाये जाने हेतु पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन में वर्ष-2020 में थाना कोतवाली नगर क्षेत्र में युवती से दुष्कर्म करने के मामले में अभियुक्त को 10 वर्ष के कठोर कारावास व जुर्माने से दण्डित कराया गया। एएसपी शिवराज ने बताया कि दिनांक 13 मार्च 2020 को थाना कोतवाली नगर क्षेत्र की रहने वाली एक युवती के साथ अभियुक्त विवेक पुत्र जगाती निवासी शम्भू नगर थाना कोतवाली नगर द्वारा दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया था। इस सम्बन्ध में पीड़िता की तहरीर पर थाना कोतवाली नगर पर धारा 376 भादवि व 3(2)5 एससी/एसटी एक्ट का अभियोग पंजीकृत किया गया था।जिसकी विवेचना तत्कालीन क्षेत्राधिकारी नगर आलोक मिश्रा द्वारा सम्पादित की गयी थी।विवेचना के क्रम में विवेचक आलोक मिश्रा के द्वारा प्रभावी विवेचना करते हुये न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया था। इधर मुकदमे में एसपी पलाश बंसल ने प्रभावी पैरवी के निर्देश दिए थे। लोक अभियोजक कमल सिंह गौतम द्वारा न्यायालय में प्रभावी पैरवी की गई। साथ ही कोर्ट मोहर्रिर आरक्षी जितेन्द्र कुमार तथा पैरोकार आरक्षी सुजीत के अथक प्रयासों से अभियुक्त को न्यायालय द्वारा 10 वर्ष के कठोर कारावास व 10 हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है। एसपी पलाश बंसल ने कहा कि जितने मुकदमे अदालत में लंबित है। उनकी सूची तैयार करने के साथ अपराधियों को सजा दिलाने की मुहिम आगे भी जारी रहेगी।