ट्रेनों में यात्रियों का सामान चोरी करने वाले दो आरोपियों को जीआरपी ने गिरफ्तार किया है। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों में एक के नीट परीक्षा क्वालीफाई करने की जानकारी सामने आई है। आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने अपनी प्रेमिका के कैंसर के इलाज पर करीब 80 लाख रुपये खर्च किए। दोनों आरोपी एक वारदात के बाद दूसरे स्थान पर चले जाते थे, ताकि पुलिस की पकड़ से बच सकें।
आगरा कैंट जीआरपी के अनुसार दोनों आरोपी चलती ट्रेनों में यात्रियों के सामान को निशाना बनाते थे। चोरी के बाद आरोपी स्थान बदल लेते थे और दूसरे इलाके में वारदात करते थे। पुलिस के मुताबिक दोनों के खिलाफ दो दर्जन से अधिक चोरी के मुकदमे दर्ज हैं।
पूछताछ में आरोपी पुनीत ने नीट परीक्षा क्वालीफाई करने की बात बताई। हालांकि जिस नीट परीक्षा को उसने क्वालीफाई किया था, वह वर्ष 2017 में हुई थी और बाद में निरस्त कर दी गई थी। पुलिस के मुताबिक आरोपी चोरी से मिले पैसों से महंगी जीवनशैली जी रहा था। पुनीत ने पूछताछ में दावा किया कि उसकी गर्लफ्रेंड को कैंसर होने के बाद उसके इलाज में करीब 80 लाख रुपये खर्च हुए। पुलिस अब आरोपी के इस दावे और चोरी से जुड़े आर्थिक लेनदेन की भी जांच कर रही है। जीआरपी के सीओ राजेश दीक्षित ने बताया कि दोनों आरोपी यात्रियों के सामान को निशाना बनाते थे। एक जगह वारदात करने के बाद दूसरी जगह चले जाने के कारण उन्हें पकड़ना चुनौतीपूर्ण था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 25 लाख रुपये के आभूषण बरामद किए हैं। पूछताछ और बरामदगी के बाद दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया। नीट क्वालीफाई करने के बाद अपराध की राह
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों में पुनीत ने नीट परीक्षा क्वालीफाई की थी। वर्ष 2017 की संबंधित परीक्षा बाद में निरस्त हो गई थी। इसके बावजूद आरोपी पढ़ाई की राह से हटकर ट्रेन यात्रियों के सामान चोरी करने लगा। एक वारदात के बाद बदल देते थे ठिकाना
पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी चलती ट्रेनों में चोरी करने के बाद तत्काल अपना स्थान बदल लेते थे। इसी वजह से वे लंबे समय तक पुलिस की पकड़ से बचते रहे। उनके खिलाफ दो दर्जन से अधिक मुकदमों की जानकारी सामने आई है और पुलिस बरामदगी के आधार पर आगे की जांच कर रही है