जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के प्रति प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शिकायतों का समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही खराब रैंकिंग वाले विभागों को अपनी कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार लाने को कहा गया है।
कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को जिलाधिकारी अमित आसेरी की अध्यक्षता में आईजीआरएस (समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली) के तहत प्राप्त शिकायतों और विभागवार प्रगति की समीक्षा बैठक हुई। समीक्षा के दौरान 36 अधिकारियों एवं संबंधित विभागों की रैंकिंग खराब मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने आगामी दो से तीन दिनों के भीतर अपेक्षित सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
डीएम अमित आसेरी ने कहा कि आईजीआरएस शासन की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल है। सभी अधिकारी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित समयसीमा में उनका गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करें। शिकायत का निस्तारण करने से पहले शिकायतकर्ता से वार्ता कर उसकी समस्या को समझें और नियमानुसार संतोषजनक समाधान करें। केवल औपचारिकता पूरी करने के बजाय शिकायतकर्ता की संतुष्टि और समस्या के वास्तविक समाधान पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने अधिकारियों को अपने-अपने स्तर पर आईजीआरएस की नियमित समीक्षा करने और रैंकिंग में सुधार लाते हुए 75 प्रतिशत से अधिक प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीएम ने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही या संवेदनहीनता मिलने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में अनुपस्थित अधिकारियों के मामले में डीएम ने प्रभारी अधिकारी आईजीआरएस को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अनुपस्थिति के संबंध में स्पष्टीकरण और आख्या प्रस्तुत करने को कहा। शिकायतकर्ता की संतुष्टि पर रहेगा जोर
डीएम अमित आसेरी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनशिकायतों का समाधान निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का वास्तविक समाधान प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। अनुपस्थित अधिकारियों से मांगा जाएगा स्पष्टीकरण
समीक्षा बैठक में अनुपस्थित रहे अधिकारियों को डीएम अमित आसेरी ने कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने और अनुपस्थिति का कारण स्पष्ट करने को कहा गया है।