करीब 12 करोड़ रुपये कीमत की जमीन का महज 9 लाख रुपये में बैनामा होने के बाद जमीन मालिक निसार अहमद ने आत्महत्या कर ली थी। मामले में करीब डेढ़ साल से वांछित चल रहे फारूख अली को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। सुसाइड नोट और विवेचना में जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय भेज दिया।
बांदा। थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के खाईंपार निवासी निसार अहमद के नाम जमीन थी। सीओ सिटी सौरभ सिंह ने बताया कि जमीन का बैनामा महज 9 लाख रुपये में कराया गया था, जबकि जमीन की कीमत करीब 12 करोड़ रुपये बताई गई है। उक्त जमीन मेडिकल कॉलेज के सामने थी। बैनामे से जुड़े घटनाक्रम और लगातार दबाव के बीच 6/7 अप्रैल 2025 की रात निसार अहमद ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मौके से सुसाइड नोट भी बरामद हुआ था। निसार की पत्नी आशमा की सूचना पर थाना कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने मामले की गहन विवेचना करते हुए साक्ष्य जुटाए और सुसाइड नोट को परीक्षण के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा। विवेचना में सामने आए तथ्यों और संकलित साक्ष्यों के आधार पर फारूख अली पुत्र अहमद अली निवासी खूंटी चौराहा अलीगंज की संलिप्तता सामने आई। इसके बाद थाना कोतवाली नगर पुलिस ने फारूख अली को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसे 28 सितंबर 2026 को न्यायालय में पेश किया। मामले में शामिल अन्य लोगों के संबंध में भी पुलिस साक्ष्य जुटा रही है। फारूख अली पूर्व मंत्री का करीबी बताया जाता है और जमीन से जुड़े मामलों में भी उसका नाम चर्चाओं में रहा है। उसे भू-माफिया के रूप में भी बताया जाता रहा है। गिरफ्तारी से पहले उसे बचाने के लिए कई प्रभावशाली लोगों की ओर से सिफारिश किए जाने और फोन आने की भी चर्चा रही, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। 12 करोड़ की जमीन और 9 लाख का बैनामा
मामले में सामने आई जानकारी के अनुसार निसार अहमद की करीब 12 करोड़ रुपये कीमत की जमीन का बैनामा 9 लाख रुपये में कराया गया था। इसी जमीन के बैनामे से जुड़े घटनाक्रम के बाद निसार ने आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने सुसाइड नोट समेत अन्य साक्ष्यों को विवेचना का आधार बनाया है। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम
चौकी प्रभारी खाईंपार रोशन लाल सरोज और हे0कां0 राजीव कुमार ने अभियुक्त फारूख अली को गिरफ्तार किया।