मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर चल रहे विवाद के बीच कांग्रेस ने शुक्रवार को देशभर में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उन्हें पद से हटाने की मांग की।
दिल्ली, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर, लखनऊ, कोलकाता, देहरादून, गुवाहाटी समेत कई स्थानों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कई जगह चुनाव आयोग के कार्यालयों तक मार्च निकाला गया। दिल्ली में चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई, जबकि चंडीगढ़ और पटना में प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पानी की बौछार का इस्तेमाल किया।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में भी कांग्रेस विधायकों ने बैनर दिखाकर और नारेबाजी कर विरोध जताया। वहीं उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और पश्चिम बंगाल के कोलकाता में भी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। देहरादून में कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा के नेतृत्व में प्रदर्शन किए जाने की जानकारी सामने आई है। एसआईआर को लेकर मतभेद का मुद्दा
प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि में एसआईआर से जुड़े फैसलों और प्रक्रिया को लेकर उठे सवाल हैं। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दो चुनाव आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में एसआईआर से जुड़े कुछ फैसलों और आदेशों पर 14 बार आपत्तियां दर्ज कराईं। इनमें मतदाता पंजीकरण फॉर्म में बदलाव, मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने की प्रक्रिया और मतदाता सूची के डेटाबेस से जुड़े मुद्दे शामिल बताए गए हैं। हालांकि, चुनाव आयोग ने कहा है कि किसी संस्थान में विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग राय और टिप्पणियां होना सामान्य प्रक्रिया है। आयोग के मुताबिक उसके सभी आदेश कानूनी आधार और निर्धारित वैधानिक प्रक्रियाओं के तहत जारी किए गए हैं। दो चरणों में आंदोलन का कार्यक्रम
कांग्रेस ने अपने आंदोलन को दो चरणों में आयोजित करने की घोषणा की है। 25 सितंबर को प्रदेश कांग्रेस कमेटियों को राज्य चुनाव आयोग कार्यालयों तक मार्च निकालने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद 28 सितंबर को जिला कांग्रेस समितियों को जिला कलेक्ट्रेट तक मार्च निकालने का कार्यक्रम दिया गया है। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के कार्यकाल में लिए गए फैसलों और मतदाता सूची में हुए बदलावों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग भी की है। महाभियोग प्रस्ताव की तैयारी का दावा
कांग्रेस सूत्रों के हवाले से मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ संसद के दोनों सदनों में महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस देने की तैयारी की बात भी सामने आई है। इसके लिए विपक्षी दलों से संपर्क किए जाने का दावा किया गया है। कर्नाटक में कांग्रेस की प्रदेश इकाई ने मुख्य चुनाव आयुक्त और एक भाजपा विधायक के खिलाफ पुलिस शिकायत भी दी है, जिसमें मतदाता अधिकारों के कथित उल्लंघन और मतदाता सूची में कथित हेरफेर के आरोप लगाए गए हैं।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा और पद से हटाना, एसआईआर तथा मतदाता सूची में किए गए बदलावों की स्वतंत्र समीक्षा और संबंधित फैसलों की जांच कांग्रेस की प्रमुख मांगों में शामिल है। पार्टी ने अपने विरोध प्रदर्शन जारी रखने की बात कही है। चुनाव आयोग का पक्ष
चुनाव आयोग ने कहा है कि विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग राय होना सामान्य प्रक्रिया है। आयोग के अनुसार उसके आदेश कानूनी आधार और निर्धारित वैधानिक प्रक्रिया के तहत जारी किए गए हैं तथा आयोग के अधिकारी चुनाव सुधार से जुड़े सुझाव देने के लिए अधिकृत हैं।