स्वास्थ्य सेवाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की मासिक समीक्षा करते हुए अधिकारियों को योजनाओं की प्रगति में सुधार और व्यवस्थाओं को मानक के अनुरूप रखने के निर्देश दिए गए। खराब प्रगति मिलने पर संबंधित कर्मियों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई करने को कहा गया।
चित्रकूटधाम मंडल बांदा के आयुक्त की अध्यक्षता में शुक्रवार को मंडलीय समीक्षा बैठक हुई। इसमें अपर निदेशक, संयुक्त निदेशक, मुख्य चिकित्साधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी, जिला क्षय रोग अधिकारी सहित मंडलीय व जनपदीय कार्यक्रम प्रबंधन इकाइयों के अधिकारी-कर्मचारी तथा यूपीटीएसयू और यूएनडीपी के प्रतिनिधि शामिल हुए। संचालन मंडलीय कार्यक्रम प्रबंधक एनएचएम/सिफ्सा आलोक कुमार ने किया। अपर निदेशक डॉ. अभय कुमार सिंह ने शव वाहन, ब्लड बैंक, मेडलीपर पोर्टल, एचपीवी वैक्सीन कवरेज, आईसीयू, मैकेनाइज्ड लॉन्ड्री सर्विस, बायो मेडिकल वेस्ट, मानव संपदा पोर्टल, कर्मयोगी पोर्टल, फायर एनओसी, स्टेमी, एनटीईपी, शत-प्रतिशत जेएसवाई भुगतान, आशा कार्यक्रम, सर्जरी, आयुष्मान कार्यक्रम की सेवाओं और जीपीएफ-सर्विस बुक अपडेट की स्थिति की समीक्षा की।
वाहन पार्किंग प्रबंधन, लंबित शिकायतों, कलर कोडिंग बेडशीट, किचन सर्विस, वाहनों की नीलामी, आकांक्षात्मक ब्लॉक, ई-संजीवनी और एनएचएम के अंतर्गत संचालित विभिन्न गतिविधियों की भी समीक्षा हुई।
आयुक्त अजीत कुमार नमस्कार क्या हाल है भाई फोन करके बता देना ने अधीनस्थ कर्मचारियों के कार्यों की नियमित समीक्षा करने और खराब प्रगति मिलने पर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए। चिकित्सा इकाइयों में उपस्थिति पंजिका उपलब्ध रखने, भीड़ प्रबंधन बेहतर करने तथा स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। मानव संपदा पोर्टल पर दर्ज अवकाश की हार्ड कॉपी स्वास्थ्य इकाइयों में सुरक्षित रखने, भ्रमण पंजिका तैयार करने और ईडीएल के अनुसार पर्याप्त दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सभी स्टाफ को सक्रिय रहने तथा गर्भवती महिलाओं और बच्चों के उपचार एवं प्रबंधन की विशेष व्यवस्था करने को कहा गया।
सीएचओ और चिकित्साधिकारियों के माध्यम से ई-संजीवनी ओपीडी बढ़ाने तथा शत-प्रतिशत आभा आईडी जनरेट कराने पर जोर दिया गया। उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं का प्रसव जिला महिला चिकित्सालय अथवा प्रथम संदर्भन इकाई में कराने का प्रयास करने के निर्देश दिए गए। सभी पर्यवेक्षकीय स्टाफ को क्षेत्र भ्रमण कर उसकी आख्या मंडल स्तर पर भेजने को कहा गया। स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी पर दिया फ़ोकस
बैठक में स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न इंडिकेटर्स की लगातार समीक्षा के बाद सुधार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों को योजनाओं की प्रगति के साथ जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य इकाइयों की व्यवस्थाओं की भी नियमित निगरानी करने को कहा गया। मरीजों की सुविधाओं पर विशेष ध्यान पर दिया जोर
स्वच्छ पेयजल, भीड़ प्रबंधन, दवाओं की उपलब्धता, गर्भवती महिलाओं और बच्चों के उपचार तथा डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया। पर्यवेक्षकीय अधिकारियों को नियमित क्षेत्र भ्रमण कर कमियों को चिन्हित कर सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।