बाँदा-बाल विवाह और किशोर अपराधों पर पुलिस सख्त

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बाल विवाह, किशोर अपराध, हिंसा और महिला संबंधी अपराधों की प्रभावी रोकथाम को लेकर विशेष किशोर पुलिस इकाई (एसजेयू) की मासिक समीक्षा बैठक हुई। बैठक में गुमशुदा बच्चों की तलाश, पीड़ित बच्चों के संरक्षण और पुनर्वास के साथ महिला संबंधी मामलों में प्रभावी साक्ष्य संकलन को लेकर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बुधवार को पुलिस लाइन में हुई बैठक की अध्यक्षता अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज ने की। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन में हुई बैठक में गुमशुदा बच्चों को खोजने और उनकी सूचना समय से सीसीटीएनएस एवं वात्सल्य पोर्टल पर फीडबैक के साथ अपडेट करने के निर्देश दिए गए। बरामद बालिकाओं के नियमानुसार आंतरिक चिकित्सीय परीक्षण कराने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस दौरान संबंधित कर्मचारियों को आने वाली समस्याओं के समाधान के बारे में भी बताया गया। महिला पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि अपराध से पीड़ित होने की स्थिति में आवश्यकता के अनुसार काउंसलिंग कराते हुए आंतरिक चिकित्सीय परीक्षण अनिवार्य रूप से कराया जाए। महिला संबंधी मामलों में पर्याप्त और सुसंगत साक्ष्य संकलित करने के लिए विवेचकों को निर्देश दिए गए। साथ ही पीड़ित बच्चों की गोपनीयता बनाए रखते हुए उन्हें बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष प्रस्तुत करने और उनके संरक्षण, देखरेख एवं पुनर्वास को सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। बैठक में देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों (सीएनसीपी) तथा विधि का उल्लंघन करने वाले बच्चों (सीसीएल) के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। बताया गया कि किसी नाबालिग के अपराध में संलिप्त पाए जाने पर किशोर न्याय संबंधी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाती है। गंभीर अपराधों को छोड़कर ऐसे अपराध, जिनमें अधिकतम सजा सात वर्ष से कम है, उनमें बच्चे के विरुद्ध सीएस की कार्रवाई नहीं की जाएगी।
बार-बार अपराध में संलिप्त पाए जाने वाले बच्चों के पुनर्वास, सुधार और उचित संरक्षण के लिए बाल संरक्षण विभाग के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान
बैठक में गुमशुदा और जरूरतमंद बच्चों की समय से पहचान, तलाश, संरक्षण और पुनर्वास की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। संबंधित इकाइयों को आपसी समन्वय से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
महिला अपराधों की विवेचना में साक्ष्य अहम
महिला संबंधी मामलों में पीड़िताओं को आवश्यक काउंसलिंग और चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराने के साथ विवेचना में पर्याप्त एवं सुसंगत साक्ष्य जुटाने के निर्देश दिए गए।
UP TIMES NEWS
Author: UP TIMES NEWS

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