बाँदा-सीएचसी में सरेंडर नवजात को सीडब्लूसी ने घोषित किया CNCP

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एक नवजात शिशु को सरेंडर किए जाने के बाद संबंधित टीमों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे सुरक्षित संरक्षण में लिया। चिकित्सकीय जांच में स्वस्थ पाए जाने के बाद बच्चे को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां उसे देखभाल एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चे (CNCP) के रूप में घोषित किया गया। समिति ने बच्चे का नाम माधव रखा और आगे की देखभाल के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसे बाल संरक्षण गृह भेजने के निर्देश दिए।
विगत सप्ताह बांदा जनपद के एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नवजात शिशु को सरेंडर किए जाने की सूचना पुलिस को प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही नवजात को तत्काल जिला अस्पताल बांदा में दाखिल कराया गया। चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किए जाने के बाद बच्चे को स्वस्थ पाया गया। इसके बाद नियमानुसार उसे बाल कल्याण समिति (सीडब्लूसी) के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
सीडब्लूसी ने प्रकरण की प्रक्रिया पूरी करते हुए नवजात को Children in Need of Care and Protection (CNCP) घोषित किया। समिति द्वारा बच्चे का नामकरण करते हुए उसका नाम माधव रखा गया। बच्चे की सुरक्षा, देखभाल और संरक्षण को ध्यान में रखते हुए समिति के आदेश के क्रम में आगे की कार्रवाई की गई। आज सीडब्लूसी के आदेश के अनुपालन में बच्चे माधव को सीसीआई प्रयागराज में दाखिल करा दिया गया। अब बच्चे की देखभाल एवं संरक्षण निर्धारित व्यवस्था के अनुसार किया जाएगा। पूरे प्रकरण में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पताल, चाइल्ड प्रोटेक्शन टीम, विशेष किशोर पुलिस इकाई (एसजेपीयू) और चाइल्ड हेल्पलाइन की टीमों ने आपसी समन्वय के साथ कार्रवाई की। सूचना मिलने के बाद नवजात को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने से लेकर सीडब्लूसी के समक्ष प्रस्तुत करने और फिर सुरक्षित संरक्षण के लिए प्रयागराज भेजने तक संबंधित टीमों ने अपनी जिम्मेदारी निभाई।
नवजात को लावारिस न छोड़ें
एएसपी डॉ. शिवराज ने कहा कि किसी भी नवजात शिशु को लावारिस स्थान पर छोड़ना या फेंकना उचित नहीं है। यदि किसी कारणवश कोई व्यक्ति बच्चे को अपने पास रखने में सक्षम नहीं है तो उसे लावारिस छोड़ने के बजाय जिला अस्पताल अथवा नजदीकी सीएचसी में नियमानुसार सरेंडर किया जा सकता है। इससे बच्चे को तत्काल चिकित्सा सुविधा और सुरक्षित संरक्षण मिल सकेगा।
गोद लेने के लिए निर्धारित प्रक्रिया जरूरी
एएसपी डॉ. शिवराज ने कहा कि बच्चों को गोद लेने के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य है। किसी बच्चे को सीधे अस्पताल, चिकित्सक या किसी अन्य व्यक्ति से लेने का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए। इच्छुक लोग केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (सीएआरए) की वेबसाइट पर पंजीकरण कर निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही बच्चे को गोद ले सकते हैं। इस प्रकरण में भी बच्चे को लेने के लिए कुछ लोग चिकित्सक के पास पहुंचे थे। ऐसे मामलों में बच्चे के हित और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केवल निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से ही दत्तक ग्रहण की कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान चाइल्ड प्रोटेक्शन टीम, जिला अस्पताल की टीम, संबंधित सीएचसी की टीम, एसजेपीयू एवं चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम मौजूद रही।
UP TIMES NEWS
Author: UP TIMES NEWS

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