दो अलग-अलग घटनाओं में किशोरी और युवक ने फांसी लगाकर जान दे दी। एक का शव घर के कमरे में बल्ली से लटका मिला, जबकि दूसरे का शव पहाड़ पर मंदिर के समीप पेड़ से लटका मिला। दोनों घटनाओं की जानकारी होते ही परिवारों में कोहराम मच गया।
जनपद के कमासिन थाना क्षेत्र के साड़ा सानी गांव निवासी राजबहादुर की 17 वर्षीय पुत्री शांती ने शुक्रवार रात कमरे के अंदर बांस की बल्ली में दुपट्टे के सहारे फांसी लगा ली। शनिवार सुबह उसकी मां भूरी की नींद खुली तो शांती चारपाई पर नहीं थी। कमरे में जाकर देखा तो उसका शव फंदे पर लटक रहा था। बेटी का शव देखते ही मां चीख पड़ी। शोर सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों से पूछताछ के बाद शव को कब्जे में लिया और पंचनामा की कार्रवाई पूरी कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका के पिता ने बताया कि शांती चार बहनों में दूसरे नंबर की थी। शुक्रवार शाम उसने खाना बनाया और परिवार के सभी लोगों को खाना खिलाने के बाद अपने कमरे में सोने चली गई थी। रात में किसी समय उसने यह कदम उठा लिया। घटना का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। मंदिर जाने की बात कहकर निकला, सुबह पेड़ पर मिला शव
दूसरी घटना गिरवां थाना क्षेत्र के पतरहा गांव की है। यहां 18 वर्षीय तेजबहादुर पुत्र सुरेश शुक्रवार शाम पहाड़ पर स्थित मंदिर जाने की बात कहकर घर से निकला था। देर शाम तक वापस नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला।
शनिवार सुबह चरवाहों ने मंदिर के समीप चिल्ला के पेड़ पर रस्सी के सहारे उसका शव लटका देखा। जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे। सूचना पर पुलिस भी पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। नशे की लत और बीमारी से परेशान होने की बात
मृतक के बाबा जागेश्वर ने बताया कि तेजबहादुर नशे का आदी था और बीमारी के चलते उसका इलाज भी चल रहा था। उन्होंने आशंका जताई कि नशे और बीमारी के कारण उसने फांसी लगाकर आत्महत्या की। हालांकि पुलिस दोनों घटनाओं की अपने स्तर से जांच कर रही है और किशोरी के मामले में आत्महत्या का कारण अभी स्पष्ट नहीं है।