जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए आयोजित समाधान दिवस में अधिकारियों की गैरहाजिरी पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया। कई विभागों के जिम्मेदार अधिकारी समाधान दिवस से अनुपस्थित मिले। इस पर आयुक्त ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों का 17 अगस्त का वेतन अवरुद्ध करने के निर्देश दिए। साथ ही शिकायतों का स्थलीय परीक्षण कर समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।
आयुक्त अजीत कुमार ने पुलिस उपमहानिरीक्षक राजेश एस के साथ तहसील अतर्रा में आयोजित समाधान दिवस में पहुंचकर लोगों की शिकायतें सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मौके पर जांच कर नियमानुसार निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता को संतुष्ट करने वाला गुणवत्तापूर्ण समाधान ही प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। अनुपस्थित अधिकारियों का वेतन रोकने के निर्देश
समाधान दिवस में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अतर्रा, उपखंड अधिकारी विद्युत वितरण खंड अतर्रा, खंड शिक्षा अधिकारी बेसिक शिक्षा अतर्रा, बिसंडा एवं नरैनी तथा खंड विकास अधिकारी महुआ अनुपस्थित पाए गए। इस पर आयुक्त ने कड़ी नाराजगी जताते हुए सभी संबंधित अधिकारियों का 17 अगस्त का वेतन अवरुद्ध करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समाधान दिवस शासन की महत्वपूर्ण प्राथमिकता है और इसमें संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य है। बिना अनुमति गैरहाजिरी पर होगी कठोर कार्रवाई
आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तहसील और ब्लॉक स्तर पर आयोजित समाधान दिवस में स्वयं उपस्थित रहकर जनसामान्य की समस्याएं सुनें तथा अपने विभाग से जुड़े मामलों का मौके पर ही यथासंभव निस्तारण कराएं। उन्होंने निर्देशित किया कि बिना सक्षम अनुमति समाधान दिवस से अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर शिथिलता मिलने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।