सदर कोतवाली में तैनात उपनिरीक्षक नवीन त्रिपाठी पर मुकदमे से नाम हटाने के एवज में 50 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगा है। शिकायत के आधार पर उसी सदर कोतवाली में दरोगा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामला सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक मृगांक शेखर पाठक ने आरोपी दरोगा को निलंबित कर दिया है।
नाम हटाने के लिए मांगे 50 हजार रुपये
जानकारी के अनुसार सदर कोतवाली क्षेत्र में दो पक्षों के विवाद से जुड़े एक मुकदमे में कार्रवाई चल रही थी। आरोप है कि मामले में शिकायतकर्ता के पति का नाम हटाने और मदद करने के एवज में दरोगा नवीन त्रिपाठी ने 50 हजार रुपये की मांग की। शिकायतकर्ता रश्मि शर्मा उर्फ अनुप्रिया का आरोप है कि उसने दरोगा को 30 हजार रुपये नकद दिए, जबकि शेष 20 हजार रुपये ऑनलाइन भेजे गए। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस से की गई। जिस कोतवाली में तैनात थे,वहीं दर्ज हुई एफआईआर
दरोगा नवीन त्रिपाठी वर्तमान में सदर कोतवाली में तैनात थे और रमेडी मोहल्ले के हलका प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। खास बात यह है कि जिस कोतवाली में उनका प्रभाव और जिम्मेदारी थी, उसी कोतवाली में उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज हुआ है। पुलिस के अनुसार 15 अगस्त की रात करीब 2:15 बजे प्राथमिकी दर्ज की गई। इसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 13(1)(बी) के तहत कार्रवाई की गई है।
एसपी ने किया निलंबित, जांच शुरू
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक मृगांक शेखर पाठक ने नवीन त्रिपाठी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। सीओ सदर यशपाल सिंह ने बताया कि दरोगा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।