जिलाधिकारी अमित आसेरी ने पशुपालन विभाग की योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग और गौआश्रय स्थलों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए नवाचार को बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नंदिनी एवं मिनी नंदिनी योजनाओं का फोटोग्राफ सहित भौतिक सत्यापन कराने तथा गौआश्रय स्थलों की अद्यतन स्थिति की रिपोर्ट निर्धारित समय में उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित पशुपालन विभाग की समीक्षा बैठक में डीएम ने कहा कि जनपद में संचालित सभी नंदिनी एवं मिनी नंदिनी योजनाओं का संबंधित निरीक्षकों से एक सप्ताह के भीतर भौतिक सत्यापन कराकर रिपोर्ट प्रस्तुत कराई जाए। उन्होंने योजनाओं के संचालन में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। जिलाधिकारी अमित आसेरी ने सभी गौआश्रय स्थलों की स्वीकृत क्षमता, संरक्षित गोवंशों की संख्या तथा गोवंशों की टैगिंग की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट तीन दिन के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कंट्रोल रूम से लेकर ब्लॉक स्तर तक नियमित रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी। डीएम ने सभी गतिविधियों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग फोटोग्राफ के माध्यम से करने तथा प्रत्येक कार्य की समयबद्ध प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने गौआश्रय स्थलों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गोबर से लट्ठे निर्माण और बायोगैस उत्पादन जैसे नवाचारों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। बैठक में रंगौली-भटपुरा बायोगैस परियोजना की समीक्षा करते हुए डीएम ने गैस कम्प्रेसर की स्थापना सहित अन्य कार्य शीघ्र पूरा कराने के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि पशुपालन विभाग की सभी योजनाओं का प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन शासन की प्राथमिकता है तथा सभी अधिकारी समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करते हुए नियमित अनुश्रवण और जवाबदेही सुनिश्चित करें। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अजय पाण्डेय, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी निर्मल गुप्ता, परियोजना निदेशक तथा संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।