बाँदा-मेडिकल रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि होने के बाद पलटा कार्यवाही का पासा

SHARE:

नाबालिक के साथ दरिंदगी करने वाले आरोपी को 20 साल की कैद होने पर पीड़ित परिवार ने बेहद खुशी जताई है। शायद अगर पुलिस डॉक्टर रिपोर्ट के बाद दुष्कर्म की धारा की बढ़ोतरी न की होती तो शायद आरोपी को 20 साल की कैद न होती।
गौरतलब हो कि बिसंडा थाना क्षेत्र के अंतर्गत पारा डभनी गांव निवासी राकेश कुमार पुत्र बद्री प्रसाद ने कोतवाली बबेरू क्षेत्र के एक गांव निवासी नाबालिक किशोरी के साथ दिनांक 7 सितंबर 2022 को सुनसान इलाके में ले जाकर उसे अपनी हवस का शिकार बनाया था। दुराचार करने के बाद आरोपी भाग खड़ा हुआ था। इधर घटना के बाद घरवालों ने लोक लाज की भय केवल छेड़खानी का ही मुकदमा कायम कराया था। मुकदमा दर्ज करने के बाद मुकदमे की विवेचना तत्कालीन सीओ बबेरू राकेश कुमार सिंह द्वारा संपादित की गई। आरोपी राकेश को जेल भेजने के बाद पुलिस ने जब बालिका का मेडिकल परीक्षण कराया। तो रिपोर्ट में कुछ और ही निकला। मेडिकल में दुष्कर्म की पुष्टि हुई। जिस पर पुलिस ने छेड़खानी के साथ दुराचार की धारा भी बढ़ाई। वहीं अदालत में भी पीड़ित ने अपने 164 के बयान में दुष्कर्म किए जाने की बात बताई। जिसके चलते विवेचक क्षेत्राधिकारी राकेश कुमार सिंह ने कई गवाहों के नाम उजागर करने के साथ न्यायालय में मजबूत आरोप पत्र दाखिल किया। एसपी पलाश बंसल ने भी आरोपी को सजा दिलाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाया। लोक अभियोजक शिवपूजन सिंह तथा कोर्ट मोहर्रिर मानवेंद्र सिंह,दीक्षा श्रीवास्तव तथा पैरोकार चक्रधारी ने अदालत के समक्ष अहम गवाह पेश किये। गवाहों तथा साक्ष्यों के बुनियाद पर अदालत ने आरोपी राकेश कुमार को दोषी करार देते हुए 20 साल की सश्रम सजा सुनाने के साथ 22000 का जुर्माना भी लगाया है। इधर घर वालों ने न्यायालय के फैसले पर बेहद खुशी जताई है।
UP TIMES NEWS
Author: UP TIMES NEWS

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई