गांव-गांव फेरी लगाकर सस्ते दामों में चोरी तथा खोए मोबाइलो को खरीदने के बाद साइबर अपराधियों को सप्लाई करने वाले अन्तर्राज्यीय गिरोह को पुलिस ने पकड़ा है। जिनके पास से बड़ी तादाद में मोबाइल,मदर बोर्ड सहित अन्य सामग्री बरामद हुई है।
जानकारी देते हुए एएसपी शिवराज ने बताया कि गुरुवार की शाम पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि बुन्देलखंड एक्सप्रेस वे ग्राम चहितारा के पास कुछ संदिग्ध व्यक्तियों के भारी मात्रा में मोबाइल के साथ मौजूद हैं। सूचना पर तत्काल साइबर क्राइम पुलिस थाना व विश्वविद्यालय चौकी प्रभारी आकाश शुक्ला टीम के साथ मौके पर जाकर घेराबन्दी करते हुए मुस्तकीम पुत्र मुस्ताक रजा निवासी नवावगंज जनपद फतेहगढ़,अरमान पुत्र मुस्ताक रजा निवासी नवावगंज जनपद फतेहगढ़,अनमोल पुत्र मुस्ताक निवासी नवावगंज जनपद फतेहगढ़,असलम पुत्र भूरे निवासी नवावगंज जनपद फतेहगढ़,साहिल अली पुत्र शौकत अली निवासी नवावगंज जनपद फतेहगढ़,समीम पुत्र नवाव निवासी नवावगंज,रेहान पुत्र नवाव निवासी नवावगंज,अमिर पुत्र शौकत अली निवासी नवावगंज,मुस्ताक रजा पुत्र भूरे खां निवासी नवावगंज जनपद फतेहगढ़ को धर दबोचा। जिनके पास से भारी मात्रा में पुराने मोबाइल फोन,मोबाइल फोन के मदरबोर्ड,मोबाइल की बैटरी,मोबाइल के फर्जी क्रय बिल आदि बरामद हुए। जिनमें 41 एंड्रायड मोबाइल फोन,38 की-पैड फोन,92 मोबाइल के मदरबोर्ड,66 मोबाइल की बैटरी,20 फर्जी/कूटरचित मोबाइल क्रय बिल,11 हजार रुपए नकद,07 दोपहिया वाहन,09 मोबाइल फोन जामा तलाशी से बरामद हुए। पुलिस द्वारा कड़ाई से पूछताछ करने पर अभियुक्तों द्वारा बताया गया कि उनके द्वारा गांव-गांव में घूम-घूमकर पुराने,चोरी किए हुए, खराब एवं साइबर ठगी/फ्रॉड आदि में प्रयुक्त किए हुए मोबाइल फोन को सस्ते दामों में खरीदते थे और डीसी मशीन का प्रयोग कर मदरबोर्ड आदि की जांच करते थे। जिन मोबाइल फोन का मदरबोर्ड सही पाया जाता था। उन्हे विभिन्न साइबर ठगी के गिरोह को अच्छे दामों में बेच देते थे। साइबर फ्रॉड में प्रयुक्त जिन मोबाइल फोन का IMEI नंबर ब्लॉक कर दिया जाता था/रहता था। उन मोबाइल फोन के मदरबोर्ड व अन्य महत्वपूर्ण पार्ट्स को निकालकर उन्हे अन्य मोबाइल फोन में लगा देते थे,या अलग-अलग पार्ट्स को संयोजित कर एक नया मोबाइल फोन तैयार कर साइबर ठगी में उसका प्रयोग करते थे। इनके द्वारा राजस्थान और हरियाणा राज्य में विभिन्न साइबर ठगी के गिरोह को इस तरह के मोबाइल फोन बेचना/सप्लाई करना स्वीकार किया गया है।एएसपी ने कहा कि पुलिस द्वारा इस सम्बन्ध में गहनता से जांच की जा रही है कि इनके गिरोह में और कितने लोग शामिल है। कहां-कहां इनके द्वारा पुराने मोबाइल फोन को सप्लाई की जाती है या की गई है। एएसपी ने आम जनमानस से अपील की है कि सस्ते व लालच के चक्कर में चोरी अथवा संदिग्ध स्रोत से मोबाइल फोन खरीदने से बचें। तथा किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। गिरफ्तार करने वाली टीम में साइबर क्राइम प्रभारी निरीक्षक राजेश चन्द्र मिश्र,उप निरीक्षक प्रदीप कुमार,आरक्षी प्रमोद कुमार,दिनेश पटेल,ललित कुमार,रविन्द्र सिंह,राहुल कुमार,ऋषभ कुमार,जितेन्द्र कुमार,विकास शामिल रहे।