बाँदा-लखपति महिलाओं को चिन्हित कर उन्हें प्राथमिकता से उपलब्ध कराएं ऋण के साथ प्रशिक्षण

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एनआरएलएम के सभी लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से पूरा कराये जाने के साथ लक्ष्यों को पूरा न करने वाले कर्मचारियों पर कार्यवाही के कड़े निर्देश दिए गए है।
मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की विस्तृत समीक्षा बैठक विकास भवन सभागार में आयोजित की गई। बैठक में राजेश उपायुक्त (स्वयं रोजगार) द्वारा भी एनआरएलएम कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई। जिसमें पोर्टल पर समय से फीडिंग,बैंकों के साथ समन्वय तथा डीएमएम द्वारा भ्रमण आदि के निर्देश दिए गए।बैठक में सहायक विकास अधिकारी (ग्राम्य विकास), डीएमएम,बीएमएम, सीसी,वाईपी एवं कंप्यूटर आपरेटर सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।बैठक का मुख्य उद्देश्य एनआरएलएम के विभिन्न घटकों की प्रगति की समीक्षा करना,बाधाओं को दूर करना तथा ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करना रहा। बैठक में सोशल मोबिलाइजेशन, ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने की प्रक्रिया को तेज करने के साथ 308284 पात्र ग्रहस्ती एवं अन्योदय राशन कार्ड धारक परिवार की महिलाओं को समूह से जोड़ा जाना है। साथ ही नए स्वयं सहायता समूहों का गठन तथा पोर्टल पर नियमित अपडेट सुनिश्चित करने तथा सभी स्वयं सहायता समूहों के बैंक खाते खोलकर वित्तीय समावेशन बढ़ाने, समूह ग्राम संगठन एवं संकुल स्तरीय संघों को ऑनलाइन ट्रांजेक्शन एवं रेगुलर ट्रांजेक्शन फीडिंग के तहत सभी स्तरों पर डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देना। स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना। स्वयं सहायता समूहों को बैंक से आसानी से ऋण उपलब्ध कराने तथा ब्याज सब्सिडी का लाभ दिलाने पर विशेष जोर (एनआरएलएम के तहत महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को बैंक से ऋण लेने पर 7% ब्याज दर दिया जाता है)।लखपति दीदी की पहचान एवं उन्हें लाभ प्रदान करने के तहत लखपति महिलाओं को चिन्हित कर उन्हें प्राथमिकता से विशेष लाभ,प्रशिक्षण,ऋण सुविधा,बाजार लिंकेज एवं अन्य योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के अलावा लखपति दीदी बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु प्रगति की समीक्षा तथा रजिस्टर में नियमित फीडिंग। मधुमक्खी पालन को आजीविका का स्रोत बनाने पर विशेष जोर।किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को मजबूत करना। विभिन्न उत्पादन गतिविधियों के लिए उत्पादक समूह बनाना। कर्मियों की जानकारी पोर्टल पर अपडेट करना। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों (SHG), उत्पादक समूहों और ग्रामीण महिलाओं को सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना/उन्नयन के लिए विशेष सहायता प्रदान करने पर चर्चा की गई। इस योजना के अंतर्गत व्यक्तिगत इकाई या समूह को 35% क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी (अधिकतम ₹10 लाख प्रति इकाई) उपलब्ध है। स्वयं सहायता समूहों (SHG फेडरेशन) को सीड कैपिटल के रूप में प्रति सदस्य ₹40,000 (अधिकतम ₹4 लाख प्रति SHG) कार्यशील पूंजी और छोटे उपकरण खरीदने के लिए दिया जाता है। योजना में वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) पर फोकस करते हुए दाल प्रोसेसिंग, टमाटर सॉस,अचार, कठिया दलिया,अगरबत्ती आदि खाद्य उत्पादों की प्रोसेसिंग यूनिट लगाने, ब्रांडिंग, मार्केटिंग और FSSAI प्रमाणन के लिए सहायता प्रदान की जाती है। समूहों को सामान्य अवसंरचना (कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर) जैसे प्रोसेसिंग सेंटर,इंक्यूबेशन सेंटर आदि के लिए भी 35% सब्सिडी (अधिकतम ₹3 करोड़) का प्रावधान है। बैठक में इस योजना के तहत अधिक से अधिक स्वयं सहायता समूहों को लाभान्वित करने, बैंक लोन के साथ समन्वय और पोर्टल फीडिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों की बिक्री के लिए सरस हाट का प्रभावी संचालन।महिलाओं द्वारा संचालित प्रेरणा कैंटीन/कैफेटेरिया के लिए उपयुक्त स्थानों का चयन करना। बैठक में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा उद्यमी योजना) के अंतर्गत युवाओं को पूर्ण जानकारी प्रदान करने तथा उन्हें आवेदन करने के लिए प्रोत्साहित करने पर विशेष चर्चा हुई। इस योजना के तहत युवाओं को ₹5 लाख तक का ब्याज मुक्त ऋण तथा 10% मार्जिन मनी अनुदान उपलब्ध कराया जाता है। जिससे वह अपना स्वरोजगार स्थापित कर सकें। आजीविका गतिविधियों पर जोर:समूहों के माध्यम से महिलाओं को निम्नलिखित आय बढ़ाने वाली गतिविधियों में प्रशिक्षण एवं सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए गए। जिसमे चूड़ी बनाना,साड़ी बुनाई,अगरबत्ती निर्माण, दाल प्रोसेसिंग,टमाटर शास (सॉस) बनाना,अचार बनाना,कठिया दलिया बनाना,चप्पल बनाना फिनाइल बनाना,सिलाई, कढ़ाई एवं बुनाई के प्रशिक्षण कराए जाने के निर्देश दिए गए। मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार पाण्डेय तथा उपायुक्त (स्वतः रोजगार) राजेश ने सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि एनआरएलएम के सभी लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए। लक्ष्यों को पूरा न करने वाले कर्मचारियों पर कार्यवाही के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी लक्ष्यों को प्राप्त करने में लापरवाही बरतता है तो उसके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही की जाएगी। मुख्य विकास अधिकारी ने यह भी कहा कि एनआरएलएम के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को संगठित कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। लखपति महिलाओं को चिन्हित कर उन्हें प्राथमिकता से लाभ,ऋण, प्रशिक्षण और बाजार सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। स्वयं सहायता समूहों को बैंक से ऋण का लाभ समय पर दिलाया जाए। सभी मिलकर लक्ष्यों को शत-प्रतिशत पूरा करें तथा महिलाओं की आय में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित करें।
UP TIMES NEWS
Author: UP TIMES NEWS

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