महिला दरोगा के साथ ही लूटपाट के आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ में पकड़ लिया है। उसके पैर में गोली लगी है। उपचार के लिए उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कानपुर में कल्याणपुर के बारा सिरोही नहर के पास रविवार भोर मुठभेड़ के दौरान शातिर लुटेरे रियाज अहमद के साथी धनराज उर्फ विजय को पुलिस ने दबोच लिया। लुटेरे ने रियाज अहमद के साथ मिलकर 17 दिन पहले रिटायर्ड महिला दरोगा के साथ लूट की घटना को अंजाम दिया था। पुलिस ने रियाज को बुधवार देर रात रावतपुर में मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर जेल भेजा था। रावतपुर के केशवपुरम निवासी डिप्टी जेलर ज्ञानेंद्र स्वरूप दुबे की पत्नी सीबीसीआइडी से रिटायर्ड दरोगा मंजूलता दुबे के साथ बीते 8 जनवरी को घर के बाहर से चेन लूट कर शातिर भाग निकले थे। खुलासे के लिए पुलिस की सात टीमें लगाई गई थीं। पुलिस ने थाना स्तर से गैर जिलो तक लुटेरों की तलाश में लगी रही। सर्विलांस और टावर लोकेशन की मदद ली। 100 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की गई थी। दर्जनों होटल-लॉज के अलावा लोकल नेटवर्क की जांच हुई। करीब एक हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाल डाले। 100 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की गई थी। सघन चेकिंग के दौरान पुलिस ने रावतपुर के दलहन रोड पर मुठभेड़ के दौरान शातिर लुटेरे मूलरूप से गोंडा के पश्चिम कर्नलगंज के सकरउरा गांव निवासी नियाज अहमद को गिरफ्तार किया था। वहीं, उसके दो साथी भाग निकले थे। रविवार को कल्याणपुर पुलिस और क्राइम ब्रांच टीम की कल्याणपुर के बारा सिरोही नहर पुल के पास लुटेरों से मुठभेड़ हो गई। पुलिस ने सघन चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध बाइक सवार को रोका, तो बाइक सवार युवक ने पुलिस टीम पर फायर झोंक दिया। इसके बाद जवाबी कार्रवाई में एक लुटेरे के पैर में गोली लगी, जबकि उसका साथी मौके से भाग निकला। पकड़े गए युवक की पहचान शामली जिले के झिंझाना निवासी शातिर लुटेरे धनराज उर्फ विजय के रूप में हुई। शातिर ने लुटेरे नियाज अहमद के साथ मिलकर रिटायर्ड महिला के साथ हुई लूट की घटना कुबूल की है। उसके पास से देशी तमंचा और करतूस बरामद हुआ है। वो बाइक भी बरामद हुई है।