हाइवे में कार सवार मां-बेटी के सामुहिक दुष्कर्म करने तथा लूटपाट वाले आरोपियों को अदालत ने उम्र कैद की सजा सुनाई है।
बुलंदशहर के नेशनल हाईवे-91 पर 28 जुलाई 2016 की रात गाजियाबाद निवासी कार सवार परिवार को बंधक बनाकर मां-बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म और सभी परिजनों से लूटपाट करने वाले पांच आरोपियों की सजा का एलान हो गया। विशेष पॉक्सो न्यायाधीश ओपी वर्मा ने सभी दोषियों को उम्रकैद और 1.81 लाख रुपये प्रत्येक को अर्थदंड सुनाया। अर्थदंड की राशि का आधा हिस्सा पीड़ित बेटी और उसकी मां को दिया जाएगा। मामले में पीड़ित परिवार ने दरिंदों को फांसी की सजा देने की मांग की थी। सजा सुनाते हुए एडीजीसी वरुण कौशिक ने कहा कि ऐसे राक्षसों को सभ्य समाज से दूर रखा जाए। वहीं सजा सुनने के बाद आरोपियों ने कहा कि वह बेकसूर हैं।
दो आरोपी एनकाउंटर में हो चुके हैं ढेर,एक की हो चुकी मौत
घटना में में छह आरोपियों के खिलाफ सीबीआई ने चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की थी। जिनमें से एक आरोपी की पूर्व में ही जिला कारागार में बीमारी के चलते मृत्यु हो चुकी है। जबकि, दो आरोपियों को अलग-अलग मामलों में नोएडा व हरियाणा पुलिस एनकाउंटर में ढेर कर दिया था। तेरहवीं में शामिल होने जा रहा था परिवार,हाइवे में बावरिया गिरोह ने की थी वारदात
विगत 28 जुलाई की रात नोएडा निवासी एक परिवार के छह सदस्य शाहजहांपुर अपने पैतृक गांव में एक तेरहवीं में शामिल होने के लिए जा रहे थे। देहात कोतवाली क्षेत्र में दोस्तपुर फ्लाईओवर के निकट अज्ञात बदमाशों ने उनकी कार पर कुछ लोहे की वस्तु फेंक कर रुकवा लिया था। इसके बाद आरोपियों ने कार सवार किशोरी, उसके पिता, मां, ताई, ताऊ व तहेरे भाई को बंधक बनाया और कार समेत सड़क के दूसरी तरफ एक खेत में ले गए। जहां, आरोपियों ने तीनों पुरुषों के हाथ पैर बांध दिए और वादी मुकदमा की 14 वर्षीय किशोरी व पत्नी के साथ आरोपियों ने खेत में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था।