पीपीएस अफसर अनुज चौधरी सहित 22 कर्मियों पर दर्ज हुई एफआईआर के मामले में कल भी हाई कोर्ट में सुनवाई जारी रहेगी। वहीं अधिवक्ता ने मुकदमे में बीएनएस का पालन न किये जाने की दलील दी है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट में संभल में मस्जिद के सर्वे के दौरान हिंसा मामले में ट्रायल कोर्ट की ओर से तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई मंगलवार को भी जारी रहेगी। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति समित गोपाल की एकल पीठ कर रही है। राज्य सरकार की तरफ से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने अनुज चौधरी की तरफ से पक्ष रखा। दलील दी कि आगरा प्रयोगशाला में गोली की जांच की गई। जांच में मिली गोली का प्रयोग पुलिस नहीं करती है। साथ ही न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आदेश देने में बीएनएसएस के प्रावधानों का पालन नहीं किया। संभल हिंसा मामले में पहले से 11 मुकदमे दर्ज हैं। इसमें जांच चल रही है। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने इसका संज्ञान नहीं लिया और विवादित आदेश पारित कर दिया। मामले की सुनवाई मंगलवार को भी जारी रहेगी। 25 नवम्बर को सम्भल में हुई थी हिंसा
संभल में 24 नवंबर 2024 को जामा मस्जिद के सर्वे के विरोध के दौरान हिंसा हो गई थी। यामीन ने आरोप लगाया कि इस दौरान तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी, तत्कालीन कोतवाल अनुज तोमर व अज्ञात पुलिस कर्मियों ने गोलियां चलाईं थी। इसमें उनके बेटे आलम ने भागने की कोशिश की तो पुलिस ने गोली मार दी। यामीन ने आरोपी पुलिस कर्मियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग में सीजेएम कोर्ट के समक्ष वाद दायर किया था। सीजेएम ने नौ जनवरी को अनुज चौधरी समेत 22 पुलिस कर्मियों पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। इस फैसले को चुनौती देते हुए तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी और कोतवाल अनुज कुमार तोमर ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। मंगलवार को शिकायतकर्ता यामीन के वकील के अनुरोध पर कोर्ट ने सुनवाई स्थगित करते हुए अगली तिथि नियत की है। अब मामले की सुनवाई कल होगी। एएसपी फिरोजाबाद हैं अनुज चौधरी
वर्ष 2012 पीपीएस बैच के अधिकारी अनुज चौधरी स्पोर्ट्स कोटे से उत्तर प्रदेश पुलिस में शामिल हुए थे। नवंबर 2024 के संभल विवाद में उन पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश हुआ है। वर्तमान में वह फिरोजाबाद में एएसपी के पद पर तैनात हैं।