बाँदा-वंदे मातरम राष्ट्रीय गीत ही नहीं, बल्कि आजाद भारत का है सपना-दीक्षा

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वंदे मातरम राष्ट्रीय गीत नहीं बल्कि आजाद भारत की एक कल्पना है। जो हमें राष्ट्र के प्रति प्रेम के साथ समर्पण का भाव सिखाता है।
बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विष्वविद्यालय,बांदा के अन्तर्गत संचालित कृषि विज्ञान केन्द्र पर राष्ट्रगीत ‘‘वन्दे मातरम’’ के 150 साल पूरे होने के मौके पर स्मरण समारोह का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में केन्द्र के अध्यक्ष डा0 श्याम सिंह, वैज्ञानिक डा0 प्रज्ञा ओझा एवं डा0 दीक्षा पटेल समेत केन्द्र के अन्य कर्मचारी तथा विश्वविद्यालय के छात्र/छात्राओं ने प्रतिभाग किया। केन्द्र के अध्यक्ष डा0 श्याम सिंह ने सभी को सम्बोधित करते हुये कहा कि हमारा राष्ट्रगीत हमें उम्मीद देता है कि ऐसा कोई संकल्प नहीं जिसकी सिद्धी ना की जा सके। डॉ दीक्षा पटेल ने कहा कि यह केवल गीत नहीं बल्कि आजाद भारत की कल्पना थी। जो हमें आत्म विश्वास से आज भी भर देती है। उन्हें कहा कि राष्ट्रीय गीत के गायन से देश वासियों को एक जज्बा भी जाग्रति होती है। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों के द्वारा वन्दे मातरम् को गाकर स्मरण किया गया।

UP TIMES NEWS
Author: UP TIMES NEWS

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