मण्डल मुख्यालय का राजकीय होम्योपैथी अस्पताल के हाल इन दिनों बदहाल है। सिर्फ एक महिला डॉक्टर के भरोसे ही अस्पताल चल रहा है। किसी पुरूष डॉक्टर की तैनाती न होने के कारण पुरूष मरीज अपनी समस्या न बता पाने के चलते बिना इलाज के वापस होने को विवश हैं।
जिला अस्पताल कंपाउड में राजकीय होम्यो पैथिक अस्पताल संचालित है। एलो पैथिक दवाओं के दुष्प्रभाव से लोगो का रूझान होम्यो पैथिक दवाओं की तरफ बढता जा रहा है। सुबह से मरीजो का आने जाने का सिल सिला शुरू हो जाता है। प्रति दिन एक सैकड़ा से अधिक मरीज आते है। यहां पर सीनियर एमओ डॉक्टर मनोज सिंह गौर, और डॉक्टर श्वेता यादव की तैनाती है। तीन माह पहले डॉक्टर मनोज सिंह को गोरखपुर संबद्व कर दिया गया था। डॉक्टर मनोज सिंह के जाने के बाद यहां पर किसी भी पुरूष चिकित्सक की तैनाती नही की गई। पुरूष डॉक्टर की तैनाती न होने से दूर दराज से आए मरीजो को भटकना पढता है। पुरूष मरीज अपनी पीड़ा महिला डॉक्टर से नही बता पाते है। ऐसे में मायूस होकर मरीज वापस लौट जाते है। मरीजो ने बताया कि वह लोग गुप्त रोग से पीड़ित है। पिछले दिनो पुरूष डॉक्टर से इलाज करवाया था। आराम लग गया था। पुरूष डॉक्टर के न होने से मजबूर होकर मरीजो को भटना पढ रहा है। कई बार उच्चाधिकारियो को अवगत भी कराया गया। लेकिन उच्चाधिकारियो के कानो में जू तक नही रेग रही। डीएचओ डॉक्टर संतोष सोनी का कहना है मामला संज्ञान में है जल्दी ही व्यवस्था को दुरुस्त किया जायेगा।