पुलिस महकमे में झंडा दिवस धूमधाम के साथ मनाया गया। जहां एसपी सहित पुलिस अधिकारियों ने ध्वजारोहण कर सलामी दी। इस दौरान एसपी ने कहा कि झंडा दिवस आत्मसम्मान एवं कर्तव्यपरायणता का प्रेरणास्रोत है।
रविवार को को यूपी पुलिस द्वारा पुलिस झण्डा दिवस मनाया गया । इस अवसर पर जनपद के पुलिस लाइन में क्वार्टर गार्ड पर पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के द्वारा पुलिस झण्डा फहराकर सलामी दी गई। ध्वजारोहण के उपरान्त एसपी ने पुलिसकर्मियों को पुलिस महानिदेशक का संदेश पढ़कर सुनाया गया।
पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने कहा कि “उ0प्र0 पुलिस के लिए यह ऐतिहासिक महत्व का दिन है। शक्ति,निष्ठा,अनुशासन एवं सेवा की भावना को दर्शाने वाला लाल एवं नीले रंग का पुलिस ध्वज हमारे आत्मसम्मान एवं कर्तव्यपरायणता का प्रेरणास्रोत है। ध्वज के प्रति सम्मान हमें अपने दायित्वों के प्रति और अधिक समर्पित करता है और नई ऊर्जा का संचार करता है।इसी क्रम में सहायक पुलिस अधीक्षक मेविस टॉक के द्वारा पुलिस कार्यालय में पुलिस झण्डा फहराकर सलामी दी गई। जनपद के सभी सर्किल के क्षेत्राधिकारियों द्वारा अपने अपने कार्यालयों और सभी थाना प्रभारियों द्वारा अपने अपने थानों पर ध्वजारोहण करने के साथ झण्डे को सलामी दी गई। क्यों मनाया जाता है पुलिस झण्डा दिवस
रंग(कलर) और झण्डा किसी संस्थान की पहचान को व्यक्त करने के साथ-साथ उनके गौरवमयी इतिहास के बारे में भी जानकारी देता है। उ0प्र0 पुलिस को देश के सबसे बड़े पुलिस बल होने का गौरव प्राप्त है। 23 नवम्बर 1952 को तत्कालीन प्रधानमंत्री पं0 जवाहर लाल नेहरु द्वारा पुलिस कार्य के सभी क्षेत्रों में अपने उत्कृष्ठ प्रदर्शन के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस को पुलिस ध्वज प्रदान किया गया। यह सम्मान प्राप्त करने वाला उत्तर प्रदेश देश का प्रथम राज्य पुलिस बल है। जिसके अप्रतिम योगदान के फलस्वरुप “पुलिस कलर” अर्थात पुलिस ध्वज प्रदान किया गया है। जो कि पूरे उ0प्र0 पुलिस बल के लिए गर्व का विषय है। इसी परिप्रेक्ष्य में उ0प्र0 पुलिस अपने गौरवमयी इतिहास को याद करने के साथ-साथ संवेदनशीलता व शौर्यपूर्ण कर्तव्यनिष्ठा से ऐसे अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करने,जिससे नये आयाम स्थापित हो सकेंगे को आधार बनाते हुए प्रत्येक वर्ष 23 नवम्बर को पुलिस झण्डा दिवस के रुप में मनाती है।