बीमार बच्चों को लेकर दर-दर की ठोकरे खाते घूम रही निदा को अब स्थाई सहारा मिल गया है। डीएम ने आवास के प्रबंध के साथ बीमार बच्चों के इलाज कराए जाने के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार निदा खातून निवासी बरौली कोतवाली नरैनी ने बताया कि 6 साल पहले उसकी शादी बबेरू कोतवाली क्षेत्र के हरदौली गांव निवासी निजामुद्दीन के साथ हुई थी। उसकी दो संताने हैं। लगभग डेढ़ साल पहले पति ने उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया था। इसके बाद पति लिवाने नहीं आया। जिस पर उसने पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया था। इसके बाद से वह अपने ननिहाल में नानी के पास मसोनी थाना कालिंजर में रहने लगी। विगत दिनों उसकी नानी घर का ताला लगाकर अपने बेटों यानी मामा के पास चली गई है। पिता तनवीर अहमद ने पहले मां के रहते दूसरी शादी कर ली है। वह अब मध्य प्रदेश में रह रहा है। पिता के दूसरी शादी करने के बाद मां ने भी कोर्रही गांव में दूसरी शादी करके रह रही है। नानी के चली जाने के बाद उसके रहने का कोई ठिकाना नहीं है। दो बच्चों को लेकर निदा इधर-उधर भटक रही थी। बुधवार को महिला डीआईजी चित्रकूट धाम राजेश एस के पास अपने ससुराल जनों की शिकायत लेकर पहुंची। साथ में वह अपने दो बच्चों को भी लिए हुए थे। दोनों बच्चे सर्दी की बीमारी से ग्रसित थे। डीआईजी ने जब उसकी दास्तान सुनी तो उनका दिल दहल गया। डीआईजी राजेश एस ने डीएम जे रीभा वार्ता कर महिला की हर संभव मदद किए जाने की बात कही। डीएम जे रीभा ने महिला की बात सुनते हुए सबसे पहले उन्होंने बच्चों तथा उसके लिए कंबल का प्रबंध कराया। इसके बाद अपनी सरकारी गाड़ी से महिला को वन स्टाफ सेंटर भिजवाया। डीएम ने बीमार बच्चों के इलाज के निर्देश दिए। डीएम जे रीभा ने महिला को काशीराम कॉलोनी में एक आवास दिलाए जाने के लिए भी निर्देशित किया।