मासूम के साथ दरिंदगी करने के मामले में अदालत ने 55 दिन में ही अहम फैसला सुनाते हुए आरोपी को फांसी की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 25 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित भी किया है।
महिला सुरक्षा एवं अपराध नियंत्रण के प्रति उत्तर प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के क्रम में तथा शासन द्वारा चलाए जा रहे मिशन शक्ति अभियान एवं ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। थाना कालिंजर क्षेत्र अंतर्गत 06 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ जघन्य दुष्कर्म की घटना में संलिप्त अभियुक्त को न केवल त्वरित पुलिस कार्रवाई में गिरफ्तार किया गया,बल्कि प्रभावी विवेचना,वैज्ञानिक साक्ष्यों के संकलन एवं सशक्त अभियोजन के फलस्वरूप 55 दिन में न्यायालय द्वारा मृत्युदण्ड एवं 25,000 रुपये अर्थदण्ड से दण्डित कराया गया है। एसपी पलाश बंसल ने बताया कि विगत 25 जुलाई को थाना कालिंजर क्षेत्र निवासी पूर्व परिचित अमित पुत्र बाबू निवासी महोरछा थाना कालिंजर द्वारा 06 वर्षीय बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने घर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया था। दुराचार करने के बाद बच्ची को गंभीर अवस्था में छोड़कर अभियुक्त फरार हो गया था। सूचना प्राप्त होते ही पुलिस द्वारा तत्काल बच्ची को चिकित्सकीय उपचार हेतु जिला अस्पताल भिजवाया गया। पीड़ित बच्ची के पिता की तहरीर पर थाना कालिंजर में सुसंगत धाराओ में अभियोग पंजीकृत किया गया था। आरोपी को पकड़ने के लिए थाना कालिंजर व एसओजी सहित कई टीमे गठित की गई थी। घटना के दूसरे दिन अभियुक्त को पुलिस ने ग्राम गुढ़ाकला,गुड़ा मंदिर रोड पुलिया के पास से मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया गया था। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अभियुक्त के दोनों पैर में गोली लगी थी तथा उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर उपचार के पश्चात जेल भेजा गया था। मामले की विवेचना तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक थाना कालिंजर दीपेन्द्र कुमार सिंह द्वारा अत्यंत संवेदनशीलता,तत्परता एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण से की गई। विवेचना के दौरान चिकित्सकीय,फॉरेंसिक एवं तकनीकी साक्ष्यों का संकलन करते हुए मात्र 20 दिनों के भीतर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया। डीजीसी क्रिमिनल विजय बहादुर सिंह के नेतृत्व में लोक अभियोजक कमल सिंह गौतम के द्वारा प्रभावी पैरवी,कोर्ट मोहर्रिर जितेन्द्र कुमार एवं पैरोकार चन्दन सिंह के सतत प्रयासों से आरोप विरचन के मात्र 55 दिनों के भीतर न्यायालय द्वारा अभियुक्त को दोषसिद्ध पाते हुए मृत्युदण्ड व 25,000 रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई गई। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने गिरफ्तारी,विवेचना एवं अभियोजन में शामिल टीम की सराहना करते हुए उन्हे बधाई दी है। साथ ही अपराधियो को कड़ी चेतावनी दी है कि महिला संबंधी अपराधों में संलिप्त अपराधियों के विरुद्ध कठोरतम एवं उदाहरणात्मक कार्यवाही की जाएगी।