डिजिटल अरेस्ट के बाद अब जालसाजों ने एसआईआर के नाम पर ओटीपी भेजने के बाद ठगने का नया तरीका अपनाया है। साइबर अपराधों को रोकने के लिए एसपी ने जागरूकता अभियान चलाने को लेकर पुलिस टीम को एक बार फिर एक्टिव किया है।
पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन में महिलाओं की सुरक्षा एवं सशक्तिकरण हेतु शासन द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजना, सहायता सेवाओं आदि के बारे में जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है साथ ही साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण एवं रोकथाम सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जनपद के समस्त थाना क्षेत्रों में साइबर जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है । इसी क्रम में शुक्रवार को थाना बदौसा की मिशन शक्ति टीम द्वारा ग्राम ढूंढा में उच्च प्राथमिक विद्यालय में, थाना चिल्ला की मिशन शक्ति टीम द्वारा कस्बा में लगी बाजार में,थाना कोतवाली देहात की मिशन शक्ति टीम द्वारा ग्राम लामा में,थाना गिरवां की मिशन शक्ति टीम द्वारा राजरानी मेमोरियल पब्लिक स्कूल में मटौंध की मिशन शक्ति टीम द्वारा कस्बा मटौंध में महिलाओं/ बालिकाओं व बच्चो को जागरुक किया गया। इस दौरान महिलाओं/बालिकाओं को शासन द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं, सहायता सेवाओं,महिला अपराधों से सम्बन्धित विभिन्न कानूनों,हेल्पलाइन नम्बरों आदि के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई व बच्चो को गुड टच व बैड टच के बारे में विस्तार से बताया गया। साथ ही वर्तमान में नवीनतम तरिके से होने वाले साइबर अपराधों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। जिसमें- केवाईसी अपडेट के नाम पर फर्जी कॉल्स या लिंक भेजकर उपयोगकर्ताओं से उनके निजी और बैंकिंग डिटेल्स मांगी जाती हैं । ओटीपी फ्रॉड जिसमें कॉल या मैसेज के ज़रिए उपयोगकर्ताओं से ओटीपी लेकर उनके बैंक खातों से पैसे ट्रांसफर कर लिए जाते हैं । यूपीआई स्कैम (UPI Scam) जिसमें UPI पेमेंट लिंक या QR कोड स्कैन कराकर खातों से राशि चुरा ली जाती है। सोशल मीडिया हैकिंग जिसमें सोशल मीडिया अकाउंट्स को हैक कर उनसे फर्जी संदेश भेजकर लोगों से पैसे मंगवाए जाते हैं। फर्जी कॉल्स जिसमें खुद को बैंक अधिकारी, पुलिस या किसी प्रतिष्ठित संस्था का प्रतिनिधि बताकर ठगी की जाती है। फिशिंग ईमेल्स (Phishing Emails) जिसमें आकर्षक ऑफर्स या नौकरी के नाम पर ईमेल भेजकर यूजर्स की निजी जानकारी जुटाई जाती है आदि प्रकार के साइबर अपराधों के बारें में जानकारी दी गई और लोगों को जागरूक किया गया कि वे किसी भी संदिग्ध लिंक,कॉल या मैसेज पर बिना सत्यापन के कोई भी जानकारी साझा न करें। साथ ही साइबर अपराध/ठगी का शिकार होने पर तत्काल नजदीकी पुलिस स्टेशन, साइबर क्राइम पोर्टल (www.cybercrime.gov.in) या साइबर हेल्पलाइन नम्बर कॉल कर तुरंत शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई। बता दे कि जालसाज इन दिनों एसआईआर के नाम पर ओटीपी भेजने के साथ धोखाधड़ी करने का नया तरीका अपनाया है। इस तरह की कई केस भी सामने आ चुके हैं।