गैगस्टर एक्ट के तहत पेशेवर अपराधियो की जप्त कराये जाने के साथ कुख्यात अपराधियों के विरुद्ध एनएसए की कार्यवाही कराई जाए। उपरोक्त निर्देश डीआईजी ने आपराधिक समीक्षा बैठक के दौरान पुलिस कप्तानों को दिए।
पुलिस उपमहानिरीक्षक परिक्षेत्र चित्रकूटधाम राजेश एस. की मौजूदगी में पुलिस लाइन चित्रकूट में आपराधिक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में डीआईजी ने जनपदवार आपराधिक समीक्षा की। गोष्ठी में डीआईजी ने अपराध नियंत्रण,कानून व्यवस्था की स्थिति और आगामी चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की । डीआईजी राजेश एस ने कहा कि हिस्ट्रीशीटर और टॉप-10 अपराधियों पर सतत् निगरानी किये जाने के साथ प्रत्येक थाना क्षेत्र में टॉप-10 बदमाशों, हिस्ट्रीशीटरों और गैंगस्टर एक्ट के तहत नामजद अपराधियों की सूची तैयार की जाए। उनकी निरंतर निगरानी करने के साथ गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाए। इसके अलावा आवश्यकता अनुसार निरोधात्मक कार्यवाही (जैसे NSA, गैंगस्टर एक्ट) कराये। जेल से बाहर आए अपराधियों पर विशेष नजर रखी जाए। डीआईजी राजेश एस ने यह भी निर्देश दिए कि गंभीर अपराधों (हत्या, दहेज हत्या,लूट,डकैती, अपहरण,महिला अपराध) के मामलों विधिक कार्यवाही कर तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित कराई जाए। विवेचना की गुणवत्ता में और भी सुधार लाये। घटनास्थल का वैज्ञानिक निरीक्षण कराने के साथ और FSL/फोरेंसिक टीम को शामिल किया जाए। डीआईजी ने कहा कि लंबित विवेचनाओं के निस्तारण में तेजी लाया जाए। महिला सुरक्षा और बाल सुरक्षा पर विशेष जोर मिशन शक्ति,एंटी रोमियो स्क्वाड,1090,112 हेल्पलाइन को प्रभावी रुप से सक्रिय रखें। स्कूल-कॉलेज,बाजार, धार्मिक स्थलों पर सतत चेकिंग और गश्त बढ़ाई जाए। महिलाओं/बालिकाओं से सम्बन्धित शिकायतों को समयबद्ध तरीके से निस्तारित कराये।साइबर अपराध,ड्रग्स, अवैध हथियार,शराब/खनन तस्करी के विरुद्ध डीआईजी ने प्रभावी कार्यवाही कराये जाने के निर्देश दिए। डीआईजी ने यह भी निर्देश दिए कि साइबर क्राइम,एनडीपीएस एक्ट,आर्म्स एक्ट के विरुद्ध प्रभावी अभियान चलवाने के साथ ड्रग्स/अवैध शस्त्रों के स्रोत तक पहुंचकर कार्रवाई कराये।बीट सिस्टम,पैदल गश्त और पुलिस दृश्यता बढ़ाना,बीट स्तर पर निगरानी और भी मजबूत की जाए। त्योहारों के दौरान हॉटस्पॉट चिन्हित कर निगरानी कराये जाने के साथ लंबित वारंट, कुर्की,फरार आरोपियों पर कार्रवाई वारंट/कुर्की का शीघ्र निष्पादन थाना स्तर पर कराये। डीआईजी राजेश एस ने यह भी निर्देश दिए कि फरार अभियुक्तों की तलाश तेज की जाए। गैंगेस्टर एक्ट के तहत अपराधियो की संपत्ति जप्ती कराये। बैठक में पुलिस अधीक्षक चित्रकूट अरुण कुमार सिंह,पुलिस अधीक्षक महोबा प्रबल प्रताप सिंह,पुलिस अधीक्षक बांदा पलाश बंशल,पुलिस अधीक्षक हमीरपुर डॉ0 दीक्षा शर्मा उपस्थिति रही।