शीतलहर को लेकर डीएम ने एडवाइजरी जारी करते हुए लोगों को घर में कपड़े पहनने के बाद ही घर से बाहर निकलने की नसीहत दी है। मनीष के अलावा डीएम ने बंद कमरे में आग न जलाने तथा हीटर के इस्तेमाल न करने की भी सलाह दी है। इसके साथ ही डीएम ने मौसमी बीमारियों के प्रति सचेत रहने के लिए भी आगाह किया है।
डीएम जे रीभा ने जनपद वासियों से अपील करते हुए कहा कि कई परतों वाले गरम कपड़े पहनें।सिर,कान,हाँथ एवं पैर अच्छी तरह ढकें रहें।क्योंकि अधिकतर शरीर की गर्मी सिर एवं पैरों से निकलती है। गर्म मोजे,दस्ताने,टोपी बहुत ही जरूरी है। गीले कपड़े शरीर से तुरंत बदले। गीले कपडों से शरीर का तापमान तुरन्त गिरता है। डीएम जे रीभा ने कहा कि घर के कमरों को बंद रखें। परन्तु थोडा वेंटिलेशन जरूर रखे। ताकि दम घुटने की समस्या न उत्पन्न हो सके। हीटर या अंगीठी चलाते समय कमरे में वेंटिलेशन हो ताकि कार्बन मोनोऑक्साइड का खतरा उत्पन्न न हो। उन्होंने बुजुर्गों,बच्चों एवं बीमार लोगों को गर्म हालात में रहने की सलाह दी है। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि गर्म भोजन करें जैसे दलिया,सूप, खिचड़ी,चाय,दूध के अलावा पर्याप्त पानी का सेवन करे। सर्दी में प्यास कम लगती है। लेकिन पानी नहीं पीने पर शरीर में पानी की कमी हो सकती है। तैलीय एवं भारी भोजन कम करें। पौष्टिक व विटामिन समृद्ध भोजन ही लें। डीएम ने घर से बाहर निकलने पर सावधानी बरतने की हिदायत दी है। कहा कि आवश्यकता होने पर ही बाहर निकलें। ठण्ड हवाओं से बचने के लिए मफलर का प्रयोग करें। फिसलन भरी जगहों में सावधानी से चलें। शरीर को ज्यादा देर तक ठण्ड के सम्पर्क में न रखें। बीच बीच में गर्म स्थान पर जाते रहने के साथ आग का सहारा लेने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सुबह व रात में कोहरा/धुंध पर गति धीमी रखें। हेडलाइट/ फाग लाइट का सही उपयोग करें। वाहन की बैटरी,टायर और ब्रेक की जांच जरूर कराते रहे।ठण्ड में गाडियां कभी कभी स्टार्ट होने में समय लेती है। डीएम ने यह भी नसीहत दी है कि हाइपोथर्मिया के लक्षण पहचानें। कंपकंपी, कमजोरी,भ्रम,धीमी सांसलेना,त्वचा फटने से रोकने के लिए मॉइस्चराइजर का प्रयोग करें। जरूरत पडने पर डॉक्टर से तुरन्त सम्पर्क करें। जिसको अस्थमा, दिल की बीमारियां या आर्थराइटिस है। वह विशेष सावधानी रखें। किसानों से कहा है कि सुबह शाम अत्यंत ठण्ड में काम से बचें। फसलों में पाले के प्रभाव को कम करने हेतु सिंचाई और पाले से बचाव के तरीकों का प्रयोग करें। इधर शीत लहर से बचाव हेतु कुमार धर्मेन्द्र अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) ने कहा कि सडक पर रहने वाले लोगों, बुजुर्गों,पालतू जानवरों की सुरक्षा का ध्यान रखें और पालतू जानवरों की सुरक्षा का ध्यान रखें। पड़ोसी, असहाय एवं असमर्थ लोगों की मदद करें। जिला आपदा विशेषज्ञ डॉ0 प्रभाकर सिंह ने जनपद वासियों को शीत लहरी से बचाव की चेतावनियों का पालन करने का आग्रह किया है और शीत से बचने हेतु,जिला प्रशासन/नगर निकाय द्वारा बनाए गए रैन बसेरे में रात्रि बिताने हेतु सलाह दी है। इसके साथ ही खुले में न रहने की अपील की है। डीएम ने कहा कि कहीं भी आकस्मिक शीत प्रभाव से घटना घटित हो तो मदद हेतु जिला आपदा कंट्रोल रूम में 05192-285260 या टोल फ्री नम्बर 1070,1077 या 112,मोबाइल नंबर-9454441081, 9452662412 पर काल कर सूचना दें।