वाहन चलाते समय मोबाइल का बिल्कुल प्रयोग न करें। एक छोटी से भूल जिंदगी भर के लिए परेशानी का सबब बन सकती है। गाड़ी चलाने दौरान स्टंट न करने की छात्र-छात्राओं को अधिकारियों ने सलाह दी है।
पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन में यातायात सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत सोमवार को अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज की अध्यक्षता व सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर/यातायात मेविस टॉक के नेतृत्व में थाना कोतवाली नगर क्षेत्रान्तर्गत संत मैरीज़ सीनियर सेकेण्डरी स्कूल में एक व्यापक यातायात जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपस्थित छात्र/छात्राओं व शिक्षकों को यातायात नियमों, सड़क सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव आदि के साथ-साथ सम्बन्धित विभिन्न कानूनों एवं सहायता नम्बरों आदि बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। जिसमें छात्र/छात्राओं को बताया गया कि यातायात नियमों का पालन न केवल कानूनी दायित्व है,बल्कि यह मानव जीवन सुरक्षा से जुड़ा एक सामाजिक उत्तरदायित्व भी है इसलिए वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का न करने तथा नशे की हालत में ड्राइविंग न करने, सड़क पर निर्धारित स्पीड का पालन करने, वाहन के वैध और आवश्यक दस्तावेज साथ रखने,दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट एवं चारपहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का प्रयोग अनिवार्य रुप से करने की जानकारी देकर सभी यातायात नियमों का पालन करने हेतु जागरुक किया गया साथ ही अन्य लोगों को जागरुक करने हेतु प्रेरित भी किया गया तथा इससे संबंधित कानूनी प्रावधानों के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त दो पहिया वाहन चलाते समय दो से अधिक लोगो बैठने/बैठाने, गलत दिशा में वाहन चलाने के खतरों आदि के बारे में जानकारी दी गई। साइबर अपराधों के बारे में जागरुक करते हुए एएसपी शिवराज के द्वारा वर्तमान में आधुनिक तरीकों से होने वाले साइबर अपराधों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। जिसमें- केवाईसी अपडेट के नाम पर फर्जी कॉल्स या लिंक भेजकर उपयोगकर्ताओं से उनके निजी और बैंकिंग डिटेल्स मांगना, ओटीपी फ्रॉड जिसमें कॉल या मैसेज के ज़रिए उपयोगकर्ताओं से ओटीपी लेकर उनके बैंक खातों से पैसे ट्रांसफर करना,यूपीआई स्कैम (UPI Scam), सोशल मीडिया हैकिंग, फर्जी कॉल्स,आदि प्रकार के साइबर अपराधों के बारें में जानकारी देकर जागरूक किया गया साथ ही साइबर अपराध/ठगी का शिकार होने पर तत्काल नजदीकी पुलिस स्टेशन, साइबर क्राइम पोर्टल (www.cybercrime.gov.in) या साइबर हेल्पलाइन नम्बर 1930 पर कॉल कर तुरंत शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई।