नर्स के नार्मल डिलेवरी कराने के बाद नवजात शिशु की मौत हो गई। घर वालो पैसों को लेकर लापरवाही का आरोप लगाया है।
थाना देहात कोतवाली क्षेत्र के पचनेही गांव निवासी 22वर्षीय किरन पत्नी पंकज प्रसव पीड़ा से परेशान थी। परिजनो ने उसे महिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरो ने महिला की हालत देख उसे आपरेशन बता दिया। लेकिन घरवाले आपरेशन करवाने को तैयार नही थी। परिजनो का कहना था कि नार्मल डिलेवरी करवाना है। इस पर आशा उर्मिला ने मेडिकल कालेज की एक नर्स से बात किया। पहले तो नार्मल डिलेवरी कराने के नाम पर तीस हजार रूपया मांगा गया। परिजनो ने इतना रूपया दे पाने में असमर्थता जताई। बाद में दस हजार रूपए में बात तय हो गई। परिजन किरन को लेकर अपने मामा मनीराम के घर शुकुल कुआ आ गए। नर्स ने शुक्रवार की भोर नार्मल डिलवेरी कराई। डिलेवरी होने के बाद नवजात बच्ची की हालत बिगड़ गई। बच्चा नीला पड़ गया। उसे जिला अस्पताल मे भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरो ने उसे मृत घोषित कर दिया। नवजात के पिता पंकज का आरोप है कि आशा ने रूपए के चक्कर में जबरन घर पर डिलेवरी करवा दिया है। पंकज ने नर्स पर भी लापरवाही का आरोप लगाया है। आशा उर्मिला का कहना था कि अल्ट्रासाउन में किरन के पेट में पानी ही नही था। बच्चा घूम नही रहा था। डिलेवरी होने से पहले ही बच्चे की मौत हो चुकी थी। उनके द्वाराकिसी भी प्रकार की कोई लापरवाही नहीं बरती गई है।