उल्टा लटकाकर थर्ड डिग्री देने के मामले को राज्य मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। वहीं मारपीट करने वाले पुलिस कर्मियों की मुश्किलें बढ़ती दिखाई पड़ रही है।
आगरा के थाना किरावली में किसान राजू शर्मा की पिटाई के मामले में राज्य मानवाधिकार आयोग ने केस दर्ज कर लिया है। इस संबंध में मानवाधिकार कार्यकर्ता ने शिकायत दर्ज कराई थी। इससे पुलिस की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। वहीं पीड़ित परिजन ने भी तहरीर तैयार कर ली है। बृहस्पतिवार को पुलिस अधिकारियों से शिकायत करने जाएंगे। इससे आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज हो सकती है।
मानवाधिकार कार्यकर्ता नरेश पारस ने बताया कि मंगलवार को ईमेल से शिकायत की थी। इसके बाद मानवाधिकार आयोग ने केस दर्ज कर लिया है। जल्द ही केस में सुनवाई शुरू होगी। पूरे मामले की जिला प्रशासन से रिपोर्ट तलब की जाएगी। संगीन मामलों में आयोग की टीम भी भेजी जा सकती है। पुलिस पर आरोप है कि किरावली थाना में किसान राजू शर्मा को अवैध हिरासत में रखा गया। उल्टा लटकाकर पुलिसकर्मियों ने डंडे मारे थे। इतना पीटा की पैरों में फ्रैक्चर हो गया। मामला तब सामने आया, जब परिजन को अस्पताल बुलाया गया। पुलिस ने समझाैते का दबाव बनाया। थाना प्रभारी पर आरोप है कि रुपये देकर मामले को रफा-दफा करने का प्रयास किया। अधिकारियों को भी गुमराह किया गया था। हालांकि मामला मीडिया में आने के बाद डीसीपी अतुल शर्मा थाने पहुंचे थे। पीड़ित की शिकायत मिलने पर कार्रवाई की थी। एसओ नीरज सिंह, एक दरोगा और सिपाही को निलंबित किया गया था। एसीपी अछनेरा रामप्रवेश गुप्ता को हटा दिया गया था। इस मामले में अपर पुलिस आयुक्त राम बदन सिंह जांच कर रहे हैं।
थानाध्यक्ष के कहने पर मारपीट का आरोप
पीड़ित राजू शर्मा के भतीजे करन शर्मा ने बताया कि बाबा राधेश्याम बृहस्पतिवार को तहरीर देने जाएंगे। उन्होंने बताया कि 19 दिसंबर को राजू को एसआई धर्मवीर सिंह और सिपाही रवि आए थे। कह रहे थे कि तुम्हारे बेटे राजू की हत्या के मामले में तलाश है। इसके बाद बेटे सत्यप्रकाश को अपने साथ ले गए थे। दो दिन बिना कारण हिरासत में रखा। 21 दिसंबर को राजू थाने पर गया। तभी उसे हवालात में बंद कर दिया। इसके बाद टार्चर किया। आरोप लगाया कि मारपीट थानाध्यक्ष नीरज सिंह के कहने पर की गई। नीरज कुमार थाने में माैजूद थे। उनकी मौजूदगी में पुलिस कर्मी थर्ड डिग्री दे रहे थे।