दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड की जांच में बड़ा मोड़ सामने आया है। पुलिस अब मामले में गिरफ्तार की गई बहू शालू की भूमिका को लेकर नए सिरे से साक्ष्यों की समीक्षा कर रही है। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद आठ प्रमुख बिंदुओं के आधार पर क्लोजर रिपोर्ट तैयार की गई है, जिससे शालू को मामले से बाहर करने का रास्ता साफ होने की बात सामने आई है।
विनीत मिनोचा की पांच सितंबर की रात हत्या हुई थी। शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने बहू शालू, पूर्व कर्मचारी विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर को गिरफ्तार किया था। विशाल के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर शालू की भूमिका सामने आई थी। बाद की जांच में बेटे सुब्रत की भूमिका भी सामने आई और उसे गिरफ्तार किया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि वारदात वाली रात सुब्रत और शालू बच्चे के साथ पार्टी में गए थे। उनके जाने के बाद विशाल और राजकिशोर फ्लैट में दाखिल हुए। बाद में विनीत मिनोचा फ्लैट में पहुंचे और दोनों आरोपियों ने उनकी हत्या कर दी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और डीवीआर की जांच के दौरान सुब्रत की गतिविधियों को भी जांच के दायरे में लिया। जांच में सुब्रत और विशाल के बीच बातचीत के कई रिकॉर्ड सामने आए। पुलिस के अनुसार, वारदात से पहले दोनों के बीच लगातार संपर्क था। जांच के दौरान सुब्रत के फोन से कॉल हिस्ट्री और वाट्सएप चैट डिलीट किए जाने की बात भी सामने आई। इन डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने उसकी भूमिका की पड़ताल आगे बढ़ाई। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान विशाल ने सुब्रत पर हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया था। इसके बाद सुब्रत को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब मामले में सामने आए सभी बयानों, कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का मिलान कर रही है। शालू की भूमिका को लेकर पुलिस ने फिलहाल यह स्पष्ट किया है कि उसके खिलाफ मिले साक्ष्यों की दोबारा समीक्षा की जा रही है। पुलिस की ओर से तैयार की जा रही रिपोर्ट में उसके खिलाफ आरोपों से जुड़े आठ प्रमुख बिंदुओं को शामिल किया गया है। अंतिम स्थिति अदालत में प्रस्तुत रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तय होगी। क्लोजर रिपोर्ट के आठ बिंदु
पुलिस आयुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद शालू की भूमिका से जुड़े साक्ष्यों की समीक्षा करते हुए आठ प्रमुख बिंदुओं के आधार पर क्लोजर रिपोर्ट तैयार की गई है। रिपोर्ट के जरिए शुरुआती जांच में सामने आए तथ्यों और बाद में मिले साक्ष्यों का मिलान किया जा रहा है। जांच की दिशा बदली
सुब्रत की भूमिका सामने आने के बाद पुलिस ने हत्या की पूरी साजिश, आरोपियों के आपसी संपर्क और डिजिटल साक्ष्यों की दोबारा जांच शुरू की। शालू के खिलाफ आरोपों की अंतिम स्थिति अदालत में प्रस्तुत रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर तय होगी।