पुलिस ने अंतरराज्यीय नकली नोट नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 500 रुपये के कुल 187 जाली नोट बरामद किए गए हैं, जिनकी अंकित कीमत 93,500 रुपये है। जांच में नकली नोटों की सप्लाई और खपत का नेटवर्क कई राज्यों तक फैले होने की जानकारी सामने आई है।
मामला 22 अगस्त को सामने आया, जब गांधी नगर स्थित कोटक महिंद्रा बैंक में जमा कराए गए 500 रुपये के 18 नोट नकली पाए गए। जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय सूचना के आधार पर एक आरोपी को पकड़ा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गया, बिहार निवासी मोहम्मद दानिश (35) और चतरा, झारखंड निवासी मोहम्मद मिराज उर्फ गुड्डू (36) के रूप में हुई। पूछताछ में दानिश ने बताया कि वह बाजार की छोटी दुकानों पर खरीदारी कर नकली नोट चलाता था। उसके अनुसार उसने 10 हजार रुपये के असली नोट देकर 30 हजार रुपये के नकली नोट हासिल किए थे। उसके सुराग पर पुलिस बिहार के बोधगया पहुंची और स्थानीय पुलिस की मदद से मिराज उर्फ गुड्डू को गिरफ्तार किया। उसके बैग से 500 रुपये के 169 जाली नोट बरामद हुए। पूछताछ में मिराज ने बताया कि उसने पश्चिम बंगाल के मालदा में सक्रिय मामा उर्फ छोटू और भैया जी नाम के लोगों से नकली नोट खरीदे थे। पुलिस के अनुसार उसने 60 हजार रुपये के असली नोट देकर 1.50 लाख रुपये के नकली नोट लिए थे। पुलिस अब मालदा से जुड़े कथित सप्लायरों और नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है। मिराज के खिलाफ बिहार के रामपुर थाने में पहले से दो आपराधिक मामले दर्ज होने की भी जानकारी सामने आई है। 187 जाली नोट बरामद
पुलिस के मुताबिक बरामद 500 रुपये के 187 नकली नोटों की कुल अंकित कीमत 93,500 रुपये है। इनमें 18 नोट बैंक में जमा कराई गई नकदी से सामने आए, जबकि 169 नोट दूसरे आरोपी के बैग से बरामद किए गए। बिहार से पश्चिम बंगाल तक नेटवर्क के तार
पूछताछ में नकली नोटों की खरीद-बिक्री से जुड़े लोगों के बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।