बाल अपराधों और बच्चों से जुड़े जोखिमों की रोकथाम के लिए एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित कर विभिन्न विषयों पर जागरूकता बढ़ाई गई। कार्यशाला में बच्चों की सुरक्षा और अपराधों की सूचना समय पर पुलिस तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।
पुलिस लाइन स्थित नवीन सभागार में विशेष किशोर पुलिस इकाई और ग्रामीण स्वावलंबन समिति के संयुक्त तत्वावधान में कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें साइबर सुरक्षा, सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, बाल श्रम, बाल भिक्षावृत्ति, मानव तस्करी, किशोर न्याय संरक्षण, पॉक्सो अधिनियम और बाल विवाह जैसे विषयों पर जानकारी दी गई।
कार्यशाला में बालक-बालिकाओं के साथ किसान, मजदूर, वाहन चालक, गृहणी, एएनएम, जेएनएम और छात्र-छात्राएं शामिल हुए। मौजूद लोगों को साइबर अपराध से बचाव के उपाय बताए गए और किसी भी घटना या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी पुलिस को देने की अपील की गई। आपात स्थिति में डायल-112 की मदद लेने की सलाह दी गई। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक डॉ शिवराज ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बाल आत्महत्या और बाल शोषण की रोकथाम के लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लगातार जागरूकता कार्यक्रम चलाने तथा व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर जोर दिया गया।
साथ ही पुलिस, सरकारी विभागों और गैर-सरकारी संस्थाओं के बीच आपसी समन्वय बनाकर बच्चों से संबंधित अपराधों की रोकथाम के लिए प्रभावी तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए गए। कार्यक्रम में थाना एएचटी, विशेष किशोर पुलिस इकाई, ग्रामीण स्वावलंबन समिति, ग्रामीण परंपरा विकास संस्थान के प्रतिनिधि समेत बालक-बालिकाएं, किसान, मजदूर, वाहन चालक, गृहणी और छात्र-छात्राएं मौजूद रही। बच्चों की सुरक्षा को लेकर जागरूकता पर जोर
कार्यशाला में बच्चों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा से जुड़े कानूनों की जानकारी दी गई। बाल श्रम, बाल भिक्षावृत्ति, बाल विवाह, मानव तस्करी और बाल शोषण जैसी घटनाओं की रोकथाम के लिए समय रहते सूचना देने की अपील की गई। आत्महत्या रोकथाम के लिए चलेगा जागरूकता अभियान
बाल आत्महत्या की रोकथाम के लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम चलाने तथा लोगों तक जरूरी जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए गए। सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाओं के सहयोग से अभियान को प्रभावी बनाने पर जोर रहा।