साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और लोगों को ऑनलाइन ठगी से बचाने के लिए जिले के सभी थाना क्षेत्रों में साइबर जागरूकता अभियान चलाया गया। छात्र-छात्राओं और आमजन को साइबर अपराध से बचाव के लिए जरूरी सावधानियों की जानकारी दी गई।
पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन में 17 सितंबर को जनपद के सभी थाना क्षेत्रों में अभियान चलाया गया। पुलिस टीमों ने लोगों को बताया कि किसी भी व्यक्ति के साथ ओटीपी और यूपीआई पिन साझा न करें। अनजान वीडियो कॉल रिसीव करने से बचें तथा लॉटरी और इनाम के नाम पर आने वाले कॉल व मैसेज से सावधान रहें। लोगों को स्क्रीन शेयरिंग एप के जरिए होने वाली ऑनलाइन ठगी के बारे में भी जानकारी दी गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर एनीडेस्क, क्विक सपोर्ट, टीमव्यूअर और स्क्रीन मिरर जैसे एप फोन में इंस्टाल न करें। सोशल मीडिया का इस्तेमाल सावधानी से करने तथा अनजान लोगों के साथ अपनी फोटो और गोपनीय जानकारी साझा नहीं करने की अपील की गई।
साइबर फ्रॉड होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी गई। ऑनलाइन शिकायत के लिए गृह मंत्रालय की वेबसाइट साइबरक्राइम डॉट जीओवी डॉट इन के बारे में भी बताया गया। इसके अलावा थाना स्तर पर संचालित साइबर हेल्प डेस्क और जनपद के साइबर क्राइम पुलिस थाने से संपर्क करने की प्रक्रिया समझाई गई।
ठगी से बचने के लिए रखें इन बातों का ध्यान
ओटीपी, यूपीआई पिन और अन्य गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें। अनजान लिंक, कॉल और वीडियो कॉल से सावधान रहें। किसी के कहने पर स्क्रीन शेयरिंग एप इंस्टाल न करें और सोशल मीडिया पर निजी फोटो व जानकारी अनजान लोगों के साथ साझा न करें। ठगी होते ही करें तत्काल शिकायत
साइबर अपराध होने पर समय गंवाए बिना 1930 पर कॉल करें। ऑनलाइन शिकायत साइबरक्राइम डॉट जीओवी डॉट इन पर दर्ज की जा सकती है। इसके साथ ही नजदीकी थाने की साइबर हेल्प डेस्क पर तत्काल संपर्क करने की जानकारी पुलिस ने दी।