सरकारी व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत परखने के लिए आयुक्त ने सोमवार को अतर्रा में खाद्यान्न भंडार गृह, उर्वरक केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। खाद्यान्न और उर्वरक की व्यवस्था संतोषजनक मिली, जबकि स्वास्थ्य केंद्र की पहुंच, जल निकासी और स्वच्छता से जुड़ी खामियां सामने आईं। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाएं तत्काल दुरुस्त कराने और जनसुविधाओं में किसी तरह की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए गए। गोदाम में गेहूं सुरक्षित, खाद वितरण में कालाबाजारी पर चेतावनी
आयुक्त अजीत कुमार ने भारतीय खाद्य निगम के भंडार गृह का निरीक्षण कर गेहूं के भंडारण और गुणवत्ता की स्थिति देखी। व्यवस्था संतोषजनक मिलने पर उन्होंने खाद्यान्न की गुणवत्ता, सुरक्षित भंडारण, साफ-सफाई, सुरक्षा और अग्निशमन व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। इसके बाद सहकारी क्रय-विक्रय समिति और एम-पैक्स का निरीक्षण किया गया, जहां यूरिया और डीएपी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध मिले। उन्होंने किसानों को जरूरत के मुताबिक खाद उपलब्ध कराने, वितरण में पारदर्शिता रखने और कालाबाजारी या निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएचसी का कच्चा रास्ता और गंदा शौचालय देख दिए तत्काल सुधार के निर्देश
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण में पेयजल, शौचालय, सीसीटीवी और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता संतोषजनक मिली। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि अस्पताल तक पहुंचने वाला रास्ता कच्चा होने से मरीजों और तीमारदारों को परेशानी होती है। ड्रेनेज की समुचित व्यवस्था नहीं होने और नगर पालिका के सुलभ शौचालय के बेहद गंदे होने की जानकारी भी दी गई। इस पर आयुक्त ने पहुंच मार्ग के सुदृढ़ीकरण और ड्रेनेज समस्या का स्थायी समाधान कराने के निर्देश दिए। संबंधित अधिकारियों को सुलभ शौचालय की तत्काल सफाई कराकर उसे नियमित रूप से स्वच्छ एवं क्रियाशील रखने को कहा।