मनरेगा में गबन करने के मामले में दो सचिवों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज हुई है। मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
मनरेगा में पांच साल पुराने गबन के मामले में जिला पंचायत राज अधिकारी रवि शंकर द्विवेदी ने दो तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिवों के खिलाफ संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। मामला वर्ष 2020 में सामने आया था, जब शिकायत दर्ज कराई गई थी कि विकास खंड कोरांव में मनरेगा के तहत बिना कार्य कराए धनराशि आहरित कर वित्तीय अनियमितता की गई। इस पर उपायुक्त (श्रम रोजगार) ने नौ फरवरी 2021 को पत्र जारी कर खंड विकास अधिकारी, कोरांव को शिकायत की जांच कर आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। विकास अधिकारी ने त्रिस्तरीय जांच समिति गठित कर दी थी। जांच में बिना कार्य किए 10 जॉब कार्डधारकों के खाते में 35,308 रुपये की शासकीय धनराशि का अनियमित भुगतान पाया गया था। साथ ही धनराशि की वसूली एवं अनुशासनात्मक कार्यवाही की संस्तुति की गई थी। धनराशि वापस जमा न किए जाने पर अब जिला पंचायत राज अधिकारी ने तत्कालीन ग्राम सचिव राजेश सिंह व समरजीत कैथल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।