गोरखपुर- डिप्टी एसपी सहित डेढ़ सौ लोगों को अंशिका बन चुकी है अपना शिकार,ब्लैकमेलिंग के साथ कर चुकी है उगाही

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ब्लैकमेलर अंशिका के पकड़े जाने के बाद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। मैसेजनर तथा वीडियो कॉलिंग के जरिए एक डिप्टी एसपी सहित तकरीबन 150 लोगों को अंशिका अपना शिकार बन चुकी है। दुष्कर्म की केस में फंसाने की धमकी देते हुए उगाही भी कर चुकी है।
गोरखपुर के सिंघड़िया इलाके में अस्पताल मैनेजर पर गोली चलाने की घटना के बाद आरोपी अंशिका सिंह उर्फ अंतिमा का नाम सामने आते ही पुलिस जांच ने चौंकाने वाले खुलासे किए। शुरुआती जांच में सामने आया है कि अंशिका बीते कई वर्षों से एक सुनियोजित ब्लैकमेलिंग नेटवर्क चला रही थी। जिसमें बड़े अधिकारी,पुलिसकर्मी और राजनीतिक रसूख वाले लोग भी फंस चुके हैं।
वीडियो रिकॉर्डिंग और डिजिटल चैट के आधार पर पुलिस को जानकारी मिली है कि अंशिका फर्जी दुष्कर्म केस में फंसाने की धमकी देकर करीब डेढ़ सौ लोगों से धन उगाही कर चुकी है। पीड़ितों में सामान्य लोग ही नहीं, बल्कि अयोध्या में तैनात एक सीओ समेत गोरखपुर शहर के 15 पुलिसकर्मी भी शामिल बताए जा रहे हैं। आरोप है कि डर और बदनामी के भय से कई लोग उसके जाल से बाहर नहीं निकल पाए। अंशिका का तरीका बेहद शातिर बताया जा रहा है। वह सोशल मीडिया मैसेंजर के जरिए पहले संपर्क बढ़ाती, फिर वीडियो कॉल पर बातचीत करती थी। इस दौरान वह सामने वाले को भावनात्मक या निजी बातचीत में उलझाकर उनकी वीडियो रिकॉर्डिंग कर लेती थी। बाद में यही रिकॉर्डिंग ब्लैकमेलिंग का हथियार बनती थी।गोरखपुर पुलिस अंशिका और उसके छह साथियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट लगाने की तैयारी कर रही है। मामला थार गाड़ी चोरी और फर्जी नंबर प्लेट लगाने से जुड़ा है। पुलिस जांच में सामने आया कि गाड़ी पर चार अलग-अलग राज्यों की फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई थीं।
लग्जरी है अंशिका की लाइफ स्टाइल
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अंशिका की लग्जरी लाइफस्टाइल और महंगे शौक उसकी गिरफ्तारी की कहानी के अहम सुराग बने। दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद वह अंडरग्राउंड हो गई थी, लेकिन अब उसके पूरे नेटवर्क की परतें खुलती जा रही हैं। पुलिस की जांच का दायरा भी लगातार बढ़ रहा है।
UP TIMES NEWS
Author: UP TIMES NEWS

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