महिला ऑटो चालक की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। हत्या करने एक्स ब्वॉयफ्रेंड निकला। पुलिस ने गिरफ्तार करने के बाद उसे जेल भेज दिया है।
झांसी में महिला ऑटो चालक अनीता चौधरी की हत्या के मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी मुकेश ने पुलिस के सामने कई राज उगले हैं। उसने बताया कि अनीता छह-सात महीने पहले अरुण के नजदीक आ गई थी। इस वजह से उससे दूरी बनाने लगी थी।
उसने पहले अनीता को समझाने की कोशिश की लेकिन वह उसकी बात सुनने को राजी नहीं हुई। अपनी जिंदगी से अनीता को जाता देख उसने दोनों को ठिकाने लगाने का फैसला किया। सोमवार को दोनों को मारने के इरादे से पहुंचा था। लेकिन ऑटो पलटने के बाद अरुण वहां से भाग निकला। इस वजह से वह अपने इरादे में कामयाब नहीं हो सका। पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया। यहां से उसे जेल भेज दिया गया। सीओ सिटी लक्ष्मीकांत गौतम ने बताया कि मुकेश और अनीता वर्ष 2018 में ओरछा स्थित एक ग्लास फैक्टरी में साथ में काम करते थे। मुकेश वहां एकाउंटेंट था। दोनों की दोस्ती हो गई। मुकेश ने पुलिस को बताया कि कुछ समय बाद अनीता पति को छोड़कर उसके साथ रहने लगी। काफी समय दोनों साथ रहे। प्रेमी ने दिलाया था ऑटो
पत्नी एवं बच्चों को छोडने के बाद मुकेश ने अपने पैसों से अनीता को ऑटो दिला दी। सात साल से यह चल रहा था। जुलाई में अनीता उससे कटने लगी। उसकी दोस्ती रेलवे स्टेशन के पास स्थित ट्रैवल एजेंसी में काम करने वाले अरुण से हो गई थी। अनीता उसे पसंद करने लगी। दोनों घंटों मोबाइल पर बात करते। माई जिओ एप के जरिये मुकेश का इसका पता चल गया। इसके बाद से दोनों में कलह होने लगी। अक्तूबर में उसने दोनों को एक साथ पकड़ लिया। उसके बाद अनीता उससे अलग रहने लगी। इससे मुकेश चिढ़ गया और दोनों पर निगाह रखने लगा। ट्रैकर के जरिये सुनता था बाते
अनीता की जिंदगी में अरुण के आने के बाद मुकेश उस पर निगाह रखने लगा। गुपचुप तरीके से ऑटो में ट्रैकर लगा दिया था। मोबाइल के जरिये निगाह रखता था। ट्रैकर ऑन होने पर उसमें होने वाली बात सुनता था। ऑटो में अक्सर अनीता एवं अरुण साथ में होते। पांच जनवरी को अनीता के साथ उसकी शादी की सालगिरह थी। मुकेश ने अनीता से बाहर चलने को कहा लेकिन अनीता ने साथ जाने से मना कर दिया। मुकेश ने उसी दिन दोनों को सबक सिखाने की ठान ली। ट्रैकर के सहारे वह पीछा करते हुए अनीता तक जा पहुंचा। ऑटो में अरुण भी मौजूद था। यहां आकर उसने पहले अनीता को शादी की सालगिरह याद दिलाई। इसके बाद उसने सीधे अनीता पर फायर कर दिया। अनीता लहूलुहान होकर गिर पड़ी। ऑटो पलटने से अरुण को वह नहीं मार सका। अरुण छुपकर वहां से भाग निकला।