भूमि,पैमाइस के मामलों का समय से निस्तारण कराने के साथ सरकारी जमीनों को कब्जा मुक्त कराएं। उपरोक्त निर्देश कमिश्नर ने मंडल के उप जिलाधिकारी एवं तहसीलदारो को दिए हैं।
मण्डलायुक्त अजीत कुमार द्वारा मण्डल के उपजिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों के साथ तहसीलों में लंबित राजस्व वादों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विस्तृत समीक्षा की गई।बैठक में आयुक्त अजीत कुमार ने अधिकारियों को।निर्देश देते हुए कहा कि अविवादित वरासत,पैमाइस एवं नामांतरण से संबंधित लंबित प्रकरणों का तत्काल निस्तारण कराये। ताकि आम लोगो को अनावश्यक विलम्ब का सामना न करना पड़े। 05 वर्ष एवं 03 वर्ष से अधिक पुराने वाद किसी भी दशा में लंबित न रहें। किसी भी सार्वजनिक भूमि पर अवैध अतिक्रमण न होने पाये,इसकी सतत निगरानी की जाए। उपजिलाधिकारी एक सप्ताह के अन्दर फसल नुकसान का सर्वे कार्य पूर्ण कराए तथा पात्र कृषकों को उचित मुआवजा प्राप्त दिलाने के साथ गौशालाओं का रैण्डम निरीक्षण कर उनकी स्थिति की रिपोर्ट जिलाधिकारी एवं आयुक्त कार्यालय को भेजे। खाद केन्द्रों का नियमित निरीक्षण कर कृषकों को खाद का सुचारू वितरण सुनिश्चित कराने के साथ सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर औचक निरीक्षण कर राशन वितरण की पारदर्शिता और घटतौली की शिकायतों पर सख्त कार्रवाई करे। वी.एच.एन.डी. कैम्पों का निरीक्षण चिकित्सा अधिकारियों के साथ कर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर ध्यान दिया जाए। ग्रामीण परिवेश से जुड़ी छोटी शिकायतों का तहसील स्तर पर ही त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए, ताकि शिकायतकर्ता को जिला या मण्डल के अधिकारियों के चक्कर न काटना पड़े। प्रत्येक अधिकारी राजस्व वादों का गहन परीक्षण एवं अनुश्रवण कर ही नियमसंगत निर्णय पारित करें। आयुक्त ने कहा कि शासन की मंशा है कि मण्डल स्तर पर सुशासन, पारदर्शिता एवं जनसंतोष को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों से कहा कि वह अपने-अपने क्षेत्र में नियमित निरीक्षण,जनसुनवाई एवं अनुश्रवण प्रणाली को और सशक्त करें। ताकि जनता का भरोसा शासन-प्रशासन पर और अधिक सुदृढ़ हो। कमिश्नर अजीत कुमार ने अधिकारियों को नसीहत दी है कि कार्य मे भेदभाव बिल्कुल न करें। पीड़ितों की समस्याओ का अपने स्तर से समय से निस्तारण के प्रयास करें।